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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: आस्था का केंद्र मां शीतला धाम उपेक्षा का शिकार



जीर्णोद्धार को सभासद विजय ने मंत्री को लिखा पत्र

निजामाबाद। भक्तों की आस्था का केंद्र मां शीतला का धाम उपेक्षा का शिकार है। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास व्यवस्था नहीं है। मंदिर के बाहर आस-पास गंदगी रहती है। इस मुद्दे सहित प्रबंधन समिति गठित करने और मंदिर संचालन के कार्य में व्याप्त अव्यवस्था में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर नगर पंचायत के सभासद ने विजय सोनकर ने लखनऊ स्थित कार्यालय में जाकर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री को ज्ञापन सौंपा। 

बता दें कि निज़ामाबाद आजमगढ़ जनपद के लगभग मध्य में है। शीतला माता का मंदिर विशाल नहीं है, लेकिन महत्त्व बड़ा जरूर है। जनश्रुतियों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 250-300 वर्ष पूर्व हुआ था। कहा जाता है कि सन् 1825-30 ई0 के लगभग राजा मुरार सिंह ने शीतला माता का मंदिर बनवाया। यह कार्य उन्होंने पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने के बाद किया था। यह धाम निज़ामाबाद मुख्य बाजार में पीछे की तरफ स्थित है। निज़ामाबाद आजमगढ़ से लगभग 18 किमी तथा कप्तानगंज से 23 किमी की दूरी पर स्थित है। नवरात्रों में ठसाठस भीड़ होती है। हजारों भक्त माँ से मनोकामना पूर्ति की आकांक्षा लेकर आते हैं। कड़ाही चढ़ती है और मन्नतें पूरी की जाती हैं। बच्चों के मुंडन संस्कार होते हैं। लेकिन यह धार्मिक स्थल प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। इसको लेकर नगर पंचायत निजामाबाद के संत रविदास नगर वार्ड के सभासद विजय सोनकर ने मंत्री को पत्र में बताया है कि मां शीतला मंदिर पूरे जिले में लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर पूर्व की सरकारों में उपेक्षित रहा। रख-रखाव में लापरवाही के कारण मंदिर की हालत काफी खराब है। यहां तक मंदिर तक जाने वाले रास्ते की हालत भी कस्बा है। मंदिर से संलग्न भूमि और मंदिर कुप्रबंधन के कारण अव्यवस्था पूर्ण स्थिति में है। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री से सांस्कृतिक धरोहर का जीर्णोद्धार कराने की कृपा करें तथा स्थानीय प्रशासन प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दें।




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