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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: पेरेंट्स को पता नहीं कि पूरी रात गेम खेल रहे बच्चे

ऑनलाइन गेम्स कंट्रोल और बैन करने के कई एप्स

आजमगढ़। बैटलग्राउंड गेम्स बच्चों को बच्चों की मानसिकता को हिंसक बना रहे हैं। कई बच्चे तो पूरी रात इन गेम्स में खोए रहते हैं। इन गेम्स की लत के शिकार कई बच्चे बीते दिनों अपने ही प्रियजनों का मर्डर तक कर चुके हैं। गेम खेलने से रोकने पर बच्चे सुसाइड जैसे कदम उठा रहे हैं। एक सर्वे के अनुसार 10 से 15 साल के बच्चे गेम्स एडिक्शन का ज्यादा शिकार बन रहे हैं। आज पेरेंट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती है अपने बच्चों को गेमिंग का लत का शिकार होने से रोकना।

बच्चों को मोबाइल एडिक्शन से ऐसे बचाएं
- पेरेंट्स बच्चों के सामने अधिकतर समय खुद मोबाइल चलाते हैं और बच्चों को टोकते हैं, ये गलत है। अगर आप चाहते हैं कि बच्चा गेम्स एडिक्शन का शिकार न हो तो उसके सामने मोबाइल चलाने के बजाय उससे बातचीत करें। उसके साथ आउटडोर गेम्स खेलें।
- बच्चों के साथ मॉर्निंग वॉक जैसी एक्टिविटीज करें।
- ऑनलाइन क्लास के बीच होने वाले ब्रेक में बच्चों को रेस्ट करवाएं। ध्यान रखें कि उस समय वे मोबाइल पर गेम्स तो नहीं खेल रहे।
- बच्चों से बातचीत कर प्यार से बुरी लत के बारे में समझाएं। बात नहीं मानने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- एडिक्शन पर डॉक्टर साइको थैरेपी करते हैं, मेडिटेशन थैरेपी, कांउसलिंग से इलाज करते हैं।

भारत में ऑनलाइन गेमर्स की संख्या हो जाएगी 510 मिलियन
मार्केट रिसर्च बताते हैं 2022 में भारतीय ऑनलाइन गेमर्स की संख्या बढ़कर 510 मिलियन हो सकती है, जो 2020 में 360 मिलियन से ज्यादा थी. साल 2021 में, भारत के ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 136 अरब रुपये का था. अगले पांच वर्षों में इसके 300 अरब रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है।

72% लोग पबजी पर 350 रुपए खर्च करते हैं
पबजी गेम को फ्री में ही डाउनलोड किया जा सकता है, लेकिन इसके कुछ टूल्स (जैसे क्रेट्स, कॉस्ट्यूम, वेपन आदि) को खरीदना होता है। इसे इन-ऐप परचेज कहा जाता है। इस सर्वे में 72% लोग ऐसे थे जो पबजी के टूल्स खरीदने के लिए 350 रुपए तक खर्च करते हैं। जबकि बाकी 28% लोग इससे ज्यादा खर्च करते हैं। सबसे ज्यादा 35% लोग कॉस्ट्यूम और वेपन खरीदने के लिए पैसा खर्च करते हैं जबकि इसके बाद क्रेट्स खरीदते हैं।



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