सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Gujarat: 1993 मुंबई बम ब्लास्ट केसः गुजरात एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी

फरार चार आतंकियों को एटीएस ने दबोचा 

गुजरात। आतंकवाद निरोधक दस्ते ने मुंबई बम धमाका 1993 कांड के चार फरार आतंकियों को दबोच लिया है। कुख्यात माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी एवं मुंबई बम धमाकों में आरोपी 4 फरार आतंकी आतंकवाद निरोधक दस्ते के हत्थे चढ़े हैं। इनमें अबु बकर, युसुफ भटका, शोएब बाबा, सैयद कुरैशी शामिल हैं। जयपुर में आतंकी घटना में भी इनकी लिप्तता सामने आई है, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) इस मामले की जांच कर रही है। आतंकवाद निरोधक दस्ते की अहमदाबाद टीम इन आतंकियों को दबोचा है इससे पहले नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी मुंबई के दर्जनों ठिकानों पर छापामारी कर चुकी थी।

आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि चारों आतंकियों को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास सरदार नगर इलाके से दबोचा गया है। जांच एजेंसी ने इनके पास फर्जी पासपोर्ट जब किए हैं। चारों आतंकी फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने की फिराक में थे। मुंबई बम धमाकों के बाद यह चारों ही फरार हो गए थे तथा देश के बाहर स्थाई हो गए थे लेकिन इनका फिर से गुजरात में आने की घटना ने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। यह चारों आतंकी मुंबई के एक तस्कर के लिए भी काम कर चुके हैं। उसके कहने पर ही 1993 में बम धमाका कांड में दाऊद इब्राहिम की मदद भी की थी। मुंबई में अर्जुन गैंग के नाम से यह धमकी देते थे। बम धमाकों से जुड़े अलग-अलग गिरोहों को देश में देश के बाहर प्रशिक्षण दिया गया था। दाऊद के कहने पर यह चारों प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजे गए थे। बम धमाकों के बाद इनमें से 3 लोगों ने 1995 में भारत छोड़ दिया था। अहमदाबाद में इनके आने तथा यहां पर किन-किन लोगों से मिले हैं एटीएस इसकी जांच कर रही है। एटीएस ने मुंबई पुलिस को चारों आतंकियों की धरपकड़ के बारे में सूचित कर दिया है बम धमाका प्रकरण में मुंबई पुलिस को हिरासत में लेकर पूछताछ कर न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है कि मुंबई बम धमाका प्रकरण वांटेड अपराधी एवं कुख्यात माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम वांछित है तथा केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर उसके खिलाफ कई तरह के कानूनी नोटिस भी जारी किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए चारों आतंकी दाऊद इब्राहिम के करीबी बताए जाते हैं यह लंबे समय से मुंबई समय देश के विभिन्न शहरों में दाऊद के कहने पर अपराधिक आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। इनके आतंकी संगठनों के साथ संबंधों की भी आशंका है आतंकवाद निरोधक दस्ता इनसे कड़ी पूछताछ कर रहा है तथा इनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों व आतंकी संगठनों के साथ उनकी मिलीभगत की जांच व पूछताछ चल रही है।

जानें पूरा घटनाक्रम- कब क्‍या हुआ?

1993 के मुंबई बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस तबाही में 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई थी। इन धमाकों की चीखें पूरे देश में सुनाई दीं। मुंबई बम धमाकों को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का इशारा मिलने के बाद सबसे पहले लोगों को मुंबई में हुए धमाकों के लिए चुना गया। उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा गया और प्रशिक्षण दिया गया। तस्करी के अपने जाल का इस्तेमाल करते हुए दाऊद ने अरब सागर के रास्ते विस्फोटकों को मुंबई पहुंचाया था। इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए मुंबई में उन सभी जगहों की पहचान कर ली गई, जहां धमाकों को अंजाम दिया जाना था। शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब दो घंटे तक ये धमाके होते रहे और पूरी मुंबई की जिंदगी थम गई। चारों तरफ दहशत का माहौल था। पहला धमाका सुबह करीब 1.30 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पास और आखिरी धमाका दोपहर 3.40 बजे (सी रॉक होटल) में हुआ। एस हुसैन जैदी की किताब 'ब्लैक फ्राइडे' पर आधारित इस फिल्म का शिवसेना ने कड़ा विरोध किया था। इससे पहले 2007 में पूरे हुए मुकदमे के पहले चरण में टाडा कोर्ट ने इस मामले में याकूब मेमन समेत 100 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जबकि 23 लोगों को बरी किया गया था।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं