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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

आज़मगढ़: रोडवेज के सामने से ही सवारी बैठा रहे हैं निजी बस

 


निजी बसों के खड़े होने एवं सवारियां भरने के लिए नरौली पुल के निकट स्थान तय है

सुबह व शाम रोडवेज के सामने सवारियों को ले कर होती है खींचतान

आजमगढ़। निजी वाहन स्वामी रोडवेज के समानांतर व्यवस्था चला रहे हैं। जेब भरने के लिए रोडवेज बस अड्डा के सामने बसें लगाकर भरी जा रहीं हैं। आजमगढ़ से विभिन्न स्थानों के लिए बड़ी संख्या में रोडवेज बस जाती हैं। मसलन, वाराणसी, बलिया, लखनऊ, गाजीपुर, जौनपुर, इलाहाबाद, दिल्ली, गोरखपुर इत्यादि जगहों के लिए रोडवेज बसों की सेवाएं हैं। ट्रैफिक इतना है कि निजी बसें भी बड़ी संख्या में सेवाएं दे रहीं हैं। प्रशासन ने निजी बसों के खड़े होने एवं सवारियां भरने के लिए नरौली पुल के निकट स्थान नियत किया है, जबकि रोडवेज बसों का अपना अलग ठिकाना है लेकिन निजी वाहन चालक अपनी गाड़ियां रोडवेज बस अड्डा के सामने खड़ी कर सवारी लादते हैं। सुबह एवं शाम में तो पूरी अराजकता की स्थिति रहती है। निजी वाहनों के कर्मचारी रोडवेज बस अड्डा पहुंच यात्रियों को अपने साथ ले जाने लगते हैं। रोडवेज कर्मियों ने विरोध किया तो मारपीट की स्थिति बन आती है। दरअसल, वाराणसी के लिए गोरखपुर के लिए सवारी बैठाए तो आजमगढ़ में रोडवेज के पास उतार दूसरी गाड़ी में बैठकर गोरखपुर जाने की बात कहने लगते है। किसी ने विरोध किया तो फिर मारपीट की जाती है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एसडी राम ने बताया की प्राइवेट वाहनों के लिए डिपो के सामने सवारी बैठाना प्रतिबंधित है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन कर्मचारियों को निगरानी कर निजी बस चालकों की गतिविधियों पर अंकुश के लिए लगाया भी गया है।

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