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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: स्वस्थ्य मां ही स्वस्थ्य संतान को दे सकती है जन्मः डा. पूनम

महिलाएं खुद का ख्याल रखना सीखें 
एनीमिया के रोकथाम की दी जानकारी
आजमगढ़। बाल विकास परियोजना शहर आजमगढ़ व नारी शक्ति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पोषण पखवाड़ा का कार्यक्रम का आयोजन शहर के मातबरगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय बड़ादेव में किया गया। जिसके अंतर्गत किशोरियों, महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं में एनीमिया प्रबंधन रोकथाम हेतु कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की रंगोंली के माध्यम से बताया गया कि एनीमिया कैसे होता है और इसके निराकरण के लिए हमे क्या करना चाहिए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारीशक्ति संस्थान सचिव डॉ पूनम तिवारी ने कहा कि एनीमिया से गर्भवती माँ और उसके बच्चे दोनों को खतरा होता है। यदि प्रसव के दौरान थोड़ा भी रक्तस्राव हुआ तो जान जाने का जोखिम हो जाता है। एनिमिक महिला का नवजात शिशु कमजोर होता है जिससे प्रसव के दौरान या प्रसव के उपरांत जान जाने का डर बना रहता है इसलिए प्रत्येक महिलाओं एवं किशोरियों को अपने स्वाथ्य का ध्यान देते हुए पौष्टिक आहार लेना चाहिए। महिलाए अपने आहार में पौष्टिक आहार के रूप में दाल, चावल, रोटी, हरी साग सब्जी, दूध व सलाद में चुकन्दर,गाजर आदि का सेवनकरें। उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ्य मां ही एक स्वस्थ्य संतान को जन्म दे सकती है। ऐसे में अपना ख्याल खुद से महिलाएं रखना सीखें। 
इस अवसर पर सीडीपीओ शहर सितारा ने कहा कि महिलाओं व किशोरियों को अनीमिया से बचने के लिए अपने नियमित भोजन में चना गुड़ फल दूध आदि का सेवन करना चाहिए। बीएमसी यूनिसेफ अर्बन रुखसार व बीईओ नगर रबिता राव ने संयुक्त रूप से कहा कि एनीमिया रोग से आशय खून की कमी से है। खून की कमी होने से शरीर में अनेको रोग होने लगते है। शरीर में खून की कमी को दूर घरेलु उपचार के माध्यम से ही किया जा सकता हैं, बशर्ते इसे महिलाए गंभीरता से ले। अपने आहार में अधिक मेथी, पालक की सब्जी शामिल करे, इसमे सर्वाधिक विटामिन व खनिज होते है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायता करते है। इस अवसर पर आभा अग्रवाल, पूनम यशपाल सिंह, अनिता श्रीवास्तव, नीतू अस्थाना सहित संस्थान व आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवम सहायिकाएं उपस्थित रही। 

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