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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: स्वस्थ्य मां ही स्वस्थ्य संतान को दे सकती है जन्मः डा. पूनम

महिलाएं खुद का ख्याल रखना सीखें 
एनीमिया के रोकथाम की दी जानकारी
आजमगढ़। बाल विकास परियोजना शहर आजमगढ़ व नारी शक्ति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पोषण पखवाड़ा का कार्यक्रम का आयोजन शहर के मातबरगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय बड़ादेव में किया गया। जिसके अंतर्गत किशोरियों, महिलाओं एवं गर्भवती महिलाओं में एनीमिया प्रबंधन रोकथाम हेतु कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की रंगोंली के माध्यम से बताया गया कि एनीमिया कैसे होता है और इसके निराकरण के लिए हमे क्या करना चाहिए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारीशक्ति संस्थान सचिव डॉ पूनम तिवारी ने कहा कि एनीमिया से गर्भवती माँ और उसके बच्चे दोनों को खतरा होता है। यदि प्रसव के दौरान थोड़ा भी रक्तस्राव हुआ तो जान जाने का जोखिम हो जाता है। एनिमिक महिला का नवजात शिशु कमजोर होता है जिससे प्रसव के दौरान या प्रसव के उपरांत जान जाने का डर बना रहता है इसलिए प्रत्येक महिलाओं एवं किशोरियों को अपने स्वाथ्य का ध्यान देते हुए पौष्टिक आहार लेना चाहिए। महिलाए अपने आहार में पौष्टिक आहार के रूप में दाल, चावल, रोटी, हरी साग सब्जी, दूध व सलाद में चुकन्दर,गाजर आदि का सेवनकरें। उन्होंने आगे कहा कि एक स्वस्थ्य मां ही एक स्वस्थ्य संतान को जन्म दे सकती है। ऐसे में अपना ख्याल खुद से महिलाएं रखना सीखें। 
इस अवसर पर सीडीपीओ शहर सितारा ने कहा कि महिलाओं व किशोरियों को अनीमिया से बचने के लिए अपने नियमित भोजन में चना गुड़ फल दूध आदि का सेवन करना चाहिए। बीएमसी यूनिसेफ अर्बन रुखसार व बीईओ नगर रबिता राव ने संयुक्त रूप से कहा कि एनीमिया रोग से आशय खून की कमी से है। खून की कमी होने से शरीर में अनेको रोग होने लगते है। शरीर में खून की कमी को दूर घरेलु उपचार के माध्यम से ही किया जा सकता हैं, बशर्ते इसे महिलाए गंभीरता से ले। अपने आहार में अधिक मेथी, पालक की सब्जी शामिल करे, इसमे सर्वाधिक विटामिन व खनिज होते है। जो शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायता करते है। इस अवसर पर आभा अग्रवाल, पूनम यशपाल सिंह, अनिता श्रीवास्तव, नीतू अस्थाना सहित संस्थान व आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवम सहायिकाएं उपस्थित रही। 

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