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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

लखनऊ: केन्द्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 2.23 लाख करोड़ रुपए मिलने की संभावना


देश के साथ ही लम्बे समय से कोरोना वायरस संक्रमण के जूझ रहे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को चुनावी दौर में केन्द्रीय बजट से बड़ी धनराशि मिलने की उम्मीद है। बीते दो वित्तीय वर्ष कोरोना वायरस संक्रमण के संकट में गुजरने के बाद वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में उत्तर प्रदेश को बड़ी उम्मीद है। देश के साथ ही लम्बे समय से कोरोना वायरस संक्रमण के जूझ रहे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी है। इसको देखते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उत्तर प्रदेश पर विशेष फोकस रह सकता है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश को केन्द्र सरकार से बजट में 2.23 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। प्रदेश को वित्त वर्ष 2020-21 व 2021-22 में उम्मीद के अनुसार केन्द्रीय आवंटन नहीं मिल सका था। इस बार उत्तर प्रदेश के हर वर्ग को बजट से उम्मीद है। कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से आर्थिक मोर्चे पर दुश्वारियां का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार के बजट से उम्मीदें हैं। केंद्र सरकार यदि बजट में किसानों और मजदूरों के लिए बड़े ऐलान करती है तो उत्तर प्रदेश को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा। केंद्रीय करों में अपनी हिस्सेदारी पर भी उत्तर प्रदेश की निगाहें होंगी। वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में उत्तर प्रदेश को बड़ा हिस्सा मिलने के बाद प्रदेश की आर्थिक विकास दर भी बढऩे की संभावना है। जिसके 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके साथ ही जीडीपी विस्तार भी बढ़ेगा। प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां कोरोना संक्रमण काल के असर से उबर भी रही हैं। केन्द्र सरकार का बजट इसमें बूस्टर डोज का काम करेगा। कोरोना काल के प्रदर्शन से उत्साहित सरकार विकास की गति बढ़ाने को तत्पर है। केन्द्र में निजी निवेश बढऩे का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा।

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