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खास खबर

बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

सिधारी बाजार को कब मिलेगी जाम से मुक्ति

सिधारी बाजार को कब मिलेगी जाम से मुक्ति 

कई मॉल और दुकान, पार्किंग की नहीं है व्यवस्था

शौचालय व यूरिनल नहीं, दुकानदार और ग्राहक परेशान 

आजमगढ़। शहर का सिधारी बाजार एक बड़े क्षेत्र को कवर करता है। इसके बाद भी यहां सुविधाओं का अकला है। बाजार का मुख्य नाला जाम है, जिसके चलते जल निकासी की समस्या है। वहीं शौचालय व यूरिनल की कोई व्यवस्था नहीं है। हल्की सी बरसात में सड़कों पर पानी भर जाता है। सड़कों पर वाहनों के अतिक्रमण के चलते जाम यहां की बड़ी समस्या है। 

 सिधारी बाजार तमसा नदी के दूसरे तट पर स्थित है जहां का ये मुख्य बाजार है। इसी बाजार से सटे मंडलायुक्त का कार्यालय और सिधारी थाना भी है। बाजार में खरीदारी करने वालों के अलावा काफी संख्या में लोगों का मंडलायुक्त कार्यालय भी इस बाजार से होकर आना-जाना होता है। बाजार में सूई से लेकर हर जरूरत के सामान उपलब्ध है। छोटे-छोटे दुकान के अलावा तीन बड़े मॉल भी हैं लेकिन पार्किंग नहीं है। सड़कों पर ही लोग वाहन खड़ी करते हैं और जाम लग जाने पर घंटो परेशान भी होते हैं। बाजार से होकर गुजरा मुख्य नाला जाम रहता है, जिससे जल निकासी की समस्या है। बरसात में मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो जाता हैं। शौचालय व यूनिरल की भी व्यवस्था नहीं है। 


पार्किंग की हो बेहतर व्यवस्था 

मंडलायुक्त न्यायालय व कार्यालय के साथ ही मंडल स्तरीय कार्यालय इसी बाजार में है। छोटी बड़ी दुकानों के अलावा तीन शॉपिंग मॉल भी है। शॉपिंग मॉल में दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था तो है, लेकिन चार पहिया वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं, जिससे बाजार जाम में फंसा रहता है। दुकानदारों और ग्राहकों का कहना है कि बाजार में पार्किंग की व्यवस्था हो तो कुछ बात बने। 



बाजार में खरीदारी के लिए बड़ी आबादी आती है। सड़कें तो चौड़ी हैं लेकिन पटरियों पर अतिक्रमण के चलते जाम लगता है। जिसके चलते दुकानदारी प्रभावित होती है। प्रताप 



यह बाजार नगर पालिका का हिस्सा भी है, बावजूद नपा यहां सुविधा नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। शौचालय व यूरिनल की सबसे ज्यादा जरूरत है। -सूरज जायसवाल 



बरसों पहले का बना नाला जाम है, जिसके चलते हल्की बरसात होने पर जलजमाव हो जाता है। वहीं यूनिरल की भी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे परेशानी होती है। आनंद 



एक बड़ी आबादी इस बाजार में खरीदारी के लिए आती है, लेकिन जाम में परेशान होकर दूसरे बाजार में चले जाते हैं। जाम से मुक्ति के प्रयास होना चाहिए। रामसेवक

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