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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

आजमगढ़ में 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए होगी वोटिंग

पहले चरण की वोटिंग चार मई को, 13 मई को आएंगे परिणाम 

लखनऊ। नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यूपी में निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग चार मई और दूसरे चरण की वोटिंग 11 मई को होगी, जबकि 13 मई को परिणामों की घोषणा की जाएगी।

चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार 4 मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, झांसी, आगरा, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के जिलों में होंगे मतदान। वहीं, 11 मई को मेरठ, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट, अयोध्या, बस्ती, आजमगढ़ और मीरजापुर मंडल के जिलों में होगा मतदान। बता दें, यूपी नगर निकाय के 14,684 पदों पर चुनाव होगा। प्रदेश के 17 महापौर और 1420 पार्षद के पदों के लिए यह चुनाव होंगे। इससे पहले नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर यूपी सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें आरक्षित सीटों को लेकर भी जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि कौन-सी सीट से समाज के किस वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है। दरअसल, यूपी निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन स्तर पर पिछले साल से तैयारी चल रही थी, लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला फंस रहा था और फिर हाई कोर्ट द्वारा बिना आरक्षण के चुनावों का ऐलान भी हुआ था। उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, फिर कमेटी बनी और अब ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हो रहे हैं। गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग का गठन कर कराए गए सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास विभाग की ओर से ओबीसी आरक्षण पर को ध्यान में रखते हुए अनंतिम लिस्ट जारी की गई थी। नगर निगम, नगरपालिका परिषद और नगर पंचायतों में कराए गए सर्वे के बाद जारी आरक्षण लिस्ट पर लोगों से दावे और आपत्तियां मंगाई गई थी। इन दावे-आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है।


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