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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

आजमगढ़ में 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए होगी वोटिंग

पहले चरण की वोटिंग चार मई को, 13 मई को आएंगे परिणाम 

लखनऊ। नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यूपी में निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग चार मई और दूसरे चरण की वोटिंग 11 मई को होगी, जबकि 13 मई को परिणामों की घोषणा की जाएगी।

चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार 4 मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, झांसी, आगरा, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के जिलों में होंगे मतदान। वहीं, 11 मई को मेरठ, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट, अयोध्या, बस्ती, आजमगढ़ और मीरजापुर मंडल के जिलों में होगा मतदान। बता दें, यूपी नगर निकाय के 14,684 पदों पर चुनाव होगा। प्रदेश के 17 महापौर और 1420 पार्षद के पदों के लिए यह चुनाव होंगे। इससे पहले नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर यूपी सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें आरक्षित सीटों को लेकर भी जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि कौन-सी सीट से समाज के किस वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है। दरअसल, यूपी निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन स्तर पर पिछले साल से तैयारी चल रही थी, लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला फंस रहा था और फिर हाई कोर्ट द्वारा बिना आरक्षण के चुनावों का ऐलान भी हुआ था। उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, फिर कमेटी बनी और अब ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हो रहे हैं। गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग का गठन कर कराए गए सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास विभाग की ओर से ओबीसी आरक्षण पर को ध्यान में रखते हुए अनंतिम लिस्ट जारी की गई थी। नगर निगम, नगरपालिका परिषद और नगर पंचायतों में कराए गए सर्वे के बाद जारी आरक्षण लिस्ट पर लोगों से दावे और आपत्तियां मंगाई गई थी। इन दावे-आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है।


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