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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

आजमगढ़ में 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए होगी वोटिंग

पहले चरण की वोटिंग चार मई को, 13 मई को आएंगे परिणाम 

लखनऊ। नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यूपी में निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग चार मई और दूसरे चरण की वोटिंग 11 मई को होगी, जबकि 13 मई को परिणामों की घोषणा की जाएगी।

चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार 4 मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, झांसी, आगरा, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के जिलों में होंगे मतदान। वहीं, 11 मई को मेरठ, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट, अयोध्या, बस्ती, आजमगढ़ और मीरजापुर मंडल के जिलों में होगा मतदान। बता दें, यूपी नगर निकाय के 14,684 पदों पर चुनाव होगा। प्रदेश के 17 महापौर और 1420 पार्षद के पदों के लिए यह चुनाव होंगे। इससे पहले नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर यूपी सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें आरक्षित सीटों को लेकर भी जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि कौन-सी सीट से समाज के किस वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है। दरअसल, यूपी निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन स्तर पर पिछले साल से तैयारी चल रही थी, लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर मामला फंस रहा था और फिर हाई कोर्ट द्वारा बिना आरक्षण के चुनावों का ऐलान भी हुआ था। उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, फिर कमेटी बनी और अब ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव हो रहे हैं। गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग का गठन कर कराए गए सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास विभाग की ओर से ओबीसी आरक्षण पर को ध्यान में रखते हुए अनंतिम लिस्ट जारी की गई थी। नगर निगम, नगरपालिका परिषद और नगर पंचायतों में कराए गए सर्वे के बाद जारी आरक्षण लिस्ट पर लोगों से दावे और आपत्तियां मंगाई गई थी। इन दावे-आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है।


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