सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Dhanbad: दारोगा साहब, मेरे बेटे को ही गोली क्‍यों मारी..बाकी दो को अचार डालने के ल‍िए थाने में रखें हैं

धनबाद। मुथूट फ‍िनकॉर्प डकैती केस। क‍िसी फ‍िल्‍म की कहानी से कम नहीं। यह कहानी है एक अव्‍वल दर्जे के व‍िद्यार्थी से अपराधी बनने की। ज‍िसका अब अंत हो गया है। जी हां, हम बात कर रहे है शुभम की। जो मंगलवार को पुल‍िस मुठभेड़ में मारा गया।

 घटना की जानकारी जब मां को लगी, व‍िश्‍वास नहीं कर सकी। उसे क्‍या पता था उसका बेटा अपराध की दलदल में फंस चुका था। अभी कुछ द‍िन पहले ही तो म‍िठाइयां बांटी थी। उसकी नौकरी लगने की खुशी में। मां को पता चल गया बेटे ने झूठ बोला था। मां अब शुभम से पूछ रही है। बेटा परवर‍िश में ऐसी कौन-सी कमी हुई थी, जो तुमने अपराध का दामन थाम ल‍िया था। मां खुद को संभाल नहीं पा रही है। प‍िता तो बेसुध पड़े है। बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। श‍िवम घर का इकलौता च‍िराग था। इकलौती उम्‍मीद। बुझ गया। पर‍िवार पर मानों दुखों का पहाड़ टूटा गया।बेटे के जाने का दुख तो बेहद है। बावजूद पुल‍िस एनकाउंटर को सही ठहरा रही है मां। मगर उसके द‍िल में एक मलाल है। श‍ुभम की मां ने कहा- माना मेरा बेटा गलत था। संगति के कारण गलत लाइन में चला गया। दारोगा साहब ने जवाबी कार्रवाई में उसे गोली मार द‍िए, ठीक क‍िए। बाकी धराए हुए दो अपराध‍ियों को क्‍यों छोड़ द‍िए। दारोगा साहब ने उन्‍हें गोली क्‍यों नहीं मारी। उन्‍हें थाने में क्‍या अचार डालने के ल‍िए रखे हुए है। जब मेरे बेटे को गोली मारे तो उन्‍हें भी मारे। बाकी जो दो फरार हुए है उन्‍हें भी पुल‍िस  मारे। चारों को वही सजा म‍िलनी चाह‍िए, जो मेरे बेटे को म‍िली है।


सर्वाधिक पढ़ीं गईं