सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

बारिश बनी जानलेवा: लालगंज में दीवार ढहने से एक की मौत

अहरौला में बारजा गिरा चार घायल, पवई में कच्चे मकान की दीवार गिरी आजमगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बृहस्पतिवार को अहरौला, लालगंज और पवई में बारिश के कारण तीन अलग-अलग हादसे हुए। इनमें लालगंज में कच्ची दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अहरौला में मकान का बारजा गिरने से चार लोग घायल हो गए। पवई में कच्चे मकान की दीवार ढहने से बड़ा हादसा टल गया। अहरौला थाना क्षेत्र के पारा फुलवरिया बाजार में इकबाल पुत्र माजिज के दो मंजिला मकान का बारजा अचानक गिर पड़ा। नीचे संचालित जनरल स्टोर पर उस समय ग्राहक मौजूद थे। हादसे में एक ग्राहक और उसकी माता को हल्की चोटें आईं, जबकि इकबाल के साडू अकबर की पुत्रियां रेशमा समेत दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकालकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। बारजा गिरने से जनरल स्टोर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार को लगभग 50 हजार रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। उधर, लालगंज थाना क्षेत्र के बेरवा विशंभरपुर गांव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई...

Azamgarh: गोरखपुर की रेडियोलॉजिस्ट के डिग्री पर जौनपुर में खोल दिया डायग्नाोस्टिक सेंटर, एफआईआर दर्ज


 

आजमगढ़. अस्पतालों के नाम गोरखधंधा आम बात है लेकिन जौनपुर के शुभम हॉस्पिटल के संचालक तो हद ही पार कर दी। उसने गोरखपुर की रहने वाली रोडियोलॉजिस्ट डा. पल्लवी की डिग्री का इस्तेमाल कर डायग्नोस्टिक सेंटर खोल दिया। जब डॉ. पल्लवी सीएमओ दफ्तर में पंजीकरण के लिए पहुंची तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। अब डॉ. पल्लवी ने अस्पताल प्रबंधन पर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें शुभम हॉस्पिटल के संचालक देवी सिंह, आपरेटर मनोज कुमार और लिपिक सुधीर अस्थाना को नामजद किया गया है।

बता दें कि डॉ. पल्लवी गोरखपुर जिले के सिकटौर के पाम पैराडाइज की निवासी हैं। पल्लवी ने डीआईजी को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि उन्होंने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से रेडियोडायग्नोसिस में एमडी किया है। 30 जनवरी 2022 तक वे लखनऊ के डायग्नोसिस सेंटर में काम करती थी। पिछले दिनों वे गोरखपुर सीएमओ कार्यालय में पीसीपीएनडीटी पंजीकरण कराने गई थी। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से जौनपुर जिले के गुना पार में शुभम हॉस्पिटल पंजीकरण है। इसके बाद वे जौनपुर सीएओ कार्यालय पहुंची और जानकारी मांगा तो लिपिक ने इस संदर्भ में जानकारी देने से इनकार कर दिया। सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उन्हें दस्तावेज दिए गए। डॉ. पल्लवी को जो दस्तावेज मिले उसमें उनकी डिग्री, आधार कार्ड, फोटो और हस्ताक्षर सहित शुभम हॉस्पिटल का आवेदन पत्र शामिल था। इस मामले में डीआईजी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शुभम हॉस्पिटल की डॉ. बबिता सिंह ने बताया सारी जिम्मेदारी लिपिक के सिर मढ़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है लिपिक ने 3 लाख लेकर उन्हें दस्तावेज दिए थे।



सर्वाधिक पढ़ीं गईं