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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: पार्टी में लगातार टूट के बीच मऊ की राजभर बस्तियों में लगा ओपी राजभर नो-इंट्री का बोर्ड

सभासपा प्रमुख की मुश्किलें नहीं हो रही कम, पोस्टर बैनर लगा जता रहे विरोध 

आजमगढ़. लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर की पूर्वांचल में मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जहां पार्टी के नेता जहां बागी रुख अख्तियार कर पार्टी छोड़ रहे है तो अब आम आदमी भी कहीं न कहीं ओमप्रकाश की नीतियों से नाराज दिख रहा है। खासतौर पर उनका बेस वोट राजभर अब ओपी राजभर से दूर होता दिख रहा है। मऊ जिले के कोपागंज व आसपास के गांवों में ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें ओमप्रकाश राजभर के गांव में घुसने पर पाबंदी का जिक्र किया गया है। पोस्टर व बैनरों में लिखा है कि ओमप्रकाश राजभर का राजभर बस्ती में आना-जाना मना है।

गांव के लोगों का दावा है कि ओमप्रकाश राजभर लगभग दो दशक से अपने समाज को ठगने का काम कर रहे हैं। वह अपने परिवार के लिए हमारे समाज की भावनाओं को उकसाकर रैली में बुलाकर भीड़ दिखाते हैं। उसके बाद खुद और अपने बेटे के अलावा सारे टिकटों को बेच देते हैं। लखमीपुर गांव में ओमप्रकाश के विरोध में सर्वाधिक पोस्टर लगाए गए हैं। इस गांव के ज्यादातर लोग सुभासपा से जुड़े हुए हैं। इनका कहना है कि हमारे राजभर समाज की बहन-बेटियां ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहनों में भरकर ओम प्रकाश राजभर की रैली में जाती हैं, जिसका प्रभाव दिखाकर ओपी राजभर दूसरे दलों से गठबंधन कर लेते हैं। उनसे सीट लेकर उसका सौदा करते हैं। सिर्फ बाप बेटा चुनाव लड़ते हैं। बाकी कार्यकर्ता ठगे जाते हैं। 

बता दें कि ओमप्रकाश राजभर मऊ बिहार की राजधानी पटना में 26 सितंबर को होने वाली सावधान यात्रा को लेकर शुक्रवार को मऊ के हिंदी भवन में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के लिए पहुंचे हैं। बैठक के बाद उन्हें घोसी क्षेत्र के कई गांवों में दौरा करना है। उनके दौरे का विरोध करते हुए राजभर बाहुल्य गांव लखीमपुर में ये पोस्टर लगाए गए हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी छोड़ चुके कार्यकर्ताओं ने ओमप्रकाश राजभर का राजभर बस्ती में आना मना है के पोस्टर लगाए हैं। इस सबंध में पार्टी के बागी नेता महेंद्र राजभर का कहना है कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर निजी स्वार्थ में पार्टी के मिशन से भटक चुके हैं। वे व्यक्तिगत मिशन के तहत धन बटोरने के चक्कर में लगे हुए हैं। ऐसे नेता के साथ रहना देश के साथ खिलवाड़ करना है। राजभर समाज को इस बात का एहसास हो चुका है। यहीं वजह है कि अब आम आदमी ने विरोध शुरू कर दिया है।

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