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खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

Azamgarh: मूर्ति स्थापना से मना करने पर दो पक्ष आमने-सामने, पुलिस ने संभाला मामला

आजमगढ़। कोतवाली क्षेत्र के खत्रिटोला मुहल्ले में  लाल कुआं के समीप श्री दुर्गा पूजा सेवा समिति वर्षों से सड़क किनारे ही भव्य पंडाल में देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित करती चली आ रही है। लेकिन अभी तक कोई विवाद नहीं हुआ। शुक्रवार को प्रतिमा स्थापना स्थल के पीछे रहने वाले परिवार के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बात काफी बढ़ने लगी तो पुलिस पहुंच गई। स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को थाने लाई। जहां अभी वार्ता जारी है। पुलिस ने समिति के लोगों को दो दिन तक कार्य रोकने का निर्देश दिया है। 

जानकारी के अनुसार खत्रिटोला में जहां पंडाल स्थापित होता चला आ रहा है। उसी के पीछे घर में रहने वाले परिवार के अधिवक्ता शिव कुमार मिश्रा ने यहां से पंडाल हटाने की मांग का प्रार्थना पत्र देते हुए वहां पर कुछ वकीलों को बुला लिया और मूर्ति कमेटी के सदस्यों से बहसबाजी करने लगे। इसके बाद दूसरा पक्ष भी लामबंद हो गया। मौके पर लेखपाल समेत स्थानीय बदरका पुलिस चौकी प्रभारी भी पहुंच गए। मामला बढ़ता देख पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले गई। जहां थाना प्रभारी ने किसी भी नई परम्परा की शुरुआत के प्रति आगाह किया। पुलिस भी अपने पर्व के रजिस्टर में यहां पर पहले से पंडाल की स्थापना की डिटेल पाई। हालांकि मूर्ति कमेटी के लोगों को दो दिन काम रोकने को कहा गया लेकिन एसएचओ ने भरोसा देकर कि हर बार की तरह प्रतिमा स्थापना में कोई अड़चन नहीं आएगी। घटना क्रम को लेकर क्षेत्रवासियों के साथ ही नव मूर्ति कमेटी के सदस्य भी जुटने लगे। मूर्ति कमेटी के पदाधिकारियों के साथ ही सभासद और गणमान्य सभी का कहना था कि नाजायज तरीके माना किया जा रहा है। पंडाल से कभी किसी के घर के आने जाने का कोई रास्ता नहीं रोका जाता, न ही किसी के घर के ऊपर कोई प्रभाव पड़ता है। इसके बाद भी ऐसा किया जा रहा है। अगर पुलिस प्रशासन ने पंडाल स्थापना पर रोक लगाई तो शांतिपूर्वक इसका विरोध किया जायेगा।

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