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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: "ढूंढने चांद निकला तो तारा मिला, वक्त का हमसफर बेसहारा मिला..........

धूमधाम से मनाया शिक्षक दिवस, काव्य गोष्ठी का आयोजन

डा. भक्तवत्सल का किया गया सारस्वत सम्मान 

आजमगढ़। नगर के अतलस पोखरा स्थित प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज के परिसर में शिक्षक दिवस पर  प्रतिभा क्लासेज की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की शुरूआत डा. भक्तवत्सल, केदारनाथ वर्मा, रमाकांत वर्मा, विकास वर्मा, ध्रुव चंद मौर्य ने  मां सरस्वती और डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान डा. भक्तवत्सल को होम्योपैथी के क्षेत्र में विशेष कार्य करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विगत दिनों दुबई में मिले सम्मान पर उन्हें लोगों ने बधाई दी। साथ ही सारस्वत सम्मान किया गया।

काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि बालेदिन " बेसहारा"  ने किया। काव्य गोष्ठी की शुरुआत विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव "करुण " ने मां सरस्वती की आराधना के साथ किया। उन्होंने अपनी रचना "मेरे लिए जो अपना सारा जीवन हवन करें, शीश हमारा ऐसे गुरु-चरणों को नमन करें’ सुना सभी गुरुओं को नमन किया। इसी क्रम में हिंदी के प्रसिद्ध श्रृंगार रस के कवि डा.  ईश्वर चंद त्रिपाठी ने "ढूंढने चांद निकला तो तारा मिला, वक्त का हमसफर बेसहारा मिला, दिल के दरिया में उतरा था पहली दफा, ना तो कश्ती मिली ना किनारा मिला’’ सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि  शैलेंद्र मोहन राय " अटपट",  'घरे घरनी भईल तालिबान बा खतरे में जान बा ना' सुनाया। 'इस खिज़ाँ को छोड़कर मौसम सुहाना ढूँढ लो, अब नयी बस्ती में अपना आबो-दाना ढूँढ लो ' सुनाकर कवि जितेंद्र नूर तालियां बंटोरी। अध्यक्षता कर रहे कवि बालेदीन 'बेसहारा ' अपनी रचना ‘महंगी लेहल चाहे अल्हरे परनवां ना, रोवें दूनो जून घर में ललनवां ना’ सुनाया का महंगाई पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। वहीं मऊ जिले के घोसी से पधारे कवि सलमान ‘घोसवीं’ ने कौमी एकता पर 'कहती हिमालय लहरा के कहती अपनी गंगा है, जान से प्यारा अपने लिए तो अपना यह तिरंगा है' ‌सुनाया। जिले के निवासी इलाहाबाद से आए संतोष "खेम" ने अपनी रचनाओं से सभी को प्रभावित किया। संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील दत्त विश्वकर्मा व  विजेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।  इस अवसर पर सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव, सीताराम पांडे, गौरव मौर्या,  राधेश्याम यादव, डा. देवेश दुबे  सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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