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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Lucknow: केंद्र की चेतावनी-बिजली कंपनियों के 9692 करोड़ रुपये चुकाए यूपी सरकार, नहीं तो रोक दी जाएगी आपूर्ति



केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार ने प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र भेजकर कहा है कि जेनको का 9372.49 करोड़ तथा कोल इंडिया का 319.82 करोड़ रुपये बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए नहीं तो प्रदेश की बिजली रोकी जा सकती है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को बिजली उत्पादक कंपनियों (जेनको) व कोल इंडिया के 9692 करोड़ रुपये के बकाये का तत्काल भुगतान करने को कहा है। तत्काल भुगतान न करने पर प्रदेश की बिजली रोकने की भी चेतावनी दी गई है। केंद्र के इस कदम से वित्तीय संकट से जूझ रहे पावर कॉर्पोरेशन के सामने अतिरिक्त बिजली के इंतजाम के साथ भुगतान की चुनौती खड़ी हो गई है।

विदेशी कोयले की खरीद के बाद अब केंद्र ने प्रदेश सरकार पर जेनको व कोल इंडिया के बकाये के भुगतान का दबाव बढ़ा दिया है। केंद्रीय ऊर्जा सचिव आलोक कुमार ने प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र भेजकर कहा है कि जेनको का 9372.49 करोड़ तथा कोल इंडिया का 319.82 करोड़ रुपये बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए नहीं तो प्रदेश की बिजली रोकी जा सकती है। केंद्र सरकार की इस चेतावनी ने पावर कॉर्पोरेशन व राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

दरअसल, हर महीने आपूर्ति की जा रही बिजली के अनुपात में राजस्व वसूली नहीं हो पा रही है जिससे पावर कॉर्पोरेशन नियमित रूप से जेनको और राज्य विद्युत उत्पादन निगम को बिजली का भुगतान नहीं कर पा रहा है। भुगतान न मिलने से उत्पादन निगम कोल इंडिया को भुगतान नहीं कर पा रहा है। चूंकि प्रदेश में बिजली की जबर्दस्त किल्लत है इसलिए पावर कॉर्पोरेशन को एनर्जी एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली भी खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में तत्काल भुगतान करना बेहद मुश्किल हो रहा है।

उत्पादन निगम के अधिकारियों का कहना है कि अनुबंध के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन जिन उत्पादन इकाइयों से बिजली खरीदता है उनको लगातार भुगतान करता रहता है और भुगतान में देरी पर 12 से 18 प्रतिशत तक ब्याज भी देना पड़ता है। बिजली संकट के दौर में इस तरह का दबाव बनाना सही नहीं है।

उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से बकाये पर बिजली रोकने की धमकी देना असांविधानिक है। यह धमकी पावर कॉर्पोरेशन को नहीं, बल्कि प्रदेश के तीन करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है।

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