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हनुमान जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, नई स्थापित

पुलिस ने शुरू की जांच, एसडीएम भी पहुंचे मौके पर आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पासीपुर रसूलपुर गांव में बृहस्पतिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में हनुमान जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। बाद में नई प्रतिमा स्थापित कराई गई। पासीपुर रसूलपुर गांव स्थित शारदा सहायक शाखा खंड-32 के किनारे, राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 50 मीटर दक्षिण मठ गोविंद मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर में गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्रामीणों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देखा। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनुराग कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से नई हनुमान प्रतिमा स्थापित कराकर पूजा-अर्चना भी कराई गई। मौके पर बूढ़नपुर के एसडीएम अभय राज शुक्ल भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी अनुराग कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया किसी अराजक तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने जैसी बात सामने नहीं आई है। प्रतिमा किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त हुई, इसकी जांच की जा रही है। सभी पहलुओं ...

यूपी चुनाव की तैयारी: भाजपा में पहले 14 जिलाध्यक्ष होंगे नियुक्त, फिर संगठन में बड़ा फेरबदल

नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने संगठनात्मक संतुलन सबसे बड़ी चुनौती

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी। 

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी इस महीने के अंत तक शेष बचे 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होगी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन के तहत गठित 98 जिलों में लंबित पड़ी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को पूरा करना है। सूत्रों के अनुसार, पहले इन 14 जिलों में नियुक्तियां पूरी की जाएंगी, इसके बाद अगले महीने से प्रदेश स्तरीय संगठन में बदलाव को लेकर मंथन शुरू होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश संगठन के चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडे द्वारा दो चरणों में 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान और आपसी सहमति न बनने के कारण 14 जिलों में यह प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इनमें प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन जिलों में अभी नियुक्ति नहीं हो पाई है, उनमें अंबेडकरनगर, गोंडा, अयोध्या जिला व महानगर, वाराणसी जिला, चंदौली, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, लखीमपुर, पीलीभीत, शामली, सहारनपुर और अमरोहा शामिल हैं। इन जिलों में क्षेत्रीय विधायकों और दावेदारों के बीच मतभेद के चलते सहमति नहीं बन सकी थी।
दरअसल, जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में जातीय समीकरण, जनप्रतिनिधियों की सिफारिशें और कई स्थानों पर मौजूदा अध्यक्षों की दोबारा या तीसरी बार दावेदारी ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया। नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब इन सभी जिलों में संतुलन साधने की जिम्मेदारी सीधे उनके कंधों पर आ गई है।
नए पैनल पर होगा फैसला
सूत्र बताते हैं कि शेष 14 जिलों के लिए संबंधित क्षेत्रीय संगठनों से तीन-तीन नामों के नए पैनल मांगे गए हैं। पुराने पैनल उपलब्ध होने के बावजूद पंकज चौधरी ने नए सिरे से नाम भेजने के निर्देश दिए हैं। अंतिम निर्णय के बाद जिलाध्यक्षों की घोषणा की जाएगी, जिसके साथ ही प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन में व्यापक फेरबदल का रास्ता साफ हो जाएगा।
पंकज चौधरी ने परिचयात्मक दौरों के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद शुरू कर दिया है और संकेत दिए हैं कि आगामी संगठनात्मक फैसलों में कैडर आधारित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्पष्ट है कि इस बार नियुक्तियों में संगठनात्मक संतुलन के साथ जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम रहने वाली है।

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