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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

मानव बम बनने की तैयारी में था जैश आतंकी यासिर

गिरफ्तारी के बाद NIA ने किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। लाल किला के बाहर हरियाणा नंबर की आई-20 कार में हुए मानव बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक और आतंकी यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया है। एनआईए के अनुसार, यासिर इस आतंकी साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और आत्मघाती हमले की तैयारी में था।

एनआईए की जांच में सामने आया है कि यासिर अहमद डार भी लाल किला कार धमाके में मारे गए आतंकी डॉ. उमर नबी बट की तरह मानव बम बनने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के सामने कई माह पहले वफादारी की शपथ ली थी। हालांकि, ‘सफेदपोश डॉक्टर मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ होने और कई आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क की व्यापक साजिश विफल हो गई।
एनआईए का कहना है कि फरीदाबाद में इस मॉड्यूल से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी और हथियार व विस्फोटक बरामद होने के बाद घबराकर उमर नबी बट ने 10 नवंबर को लाल किला के बाहर आत्मघाती हमला कर दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक, उस समय पूरे मॉड्यूल की तत्काल धमाका करने की कोई योजना नहीं थी, बल्कि केवल प्लानिंग चल रही थी। एनआईए ने यासिर अहमद डार को दिल्ली के एक मुस्लिम बहुल इलाके से गिरफ्तार किया है। वह जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। एजेंसी का दावा है कि यदि यासिर उस समय दिल्ली-एनसीआर में मौजूद होता तो वह भी मानव बम बनकर हमला कर सकता था। इस आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 22 लोग घायल हुए थे। यासिर इस मामले में गिरफ्तार होने वाला नौवां आतंकी है। जांच में यह भी सामने आया है कि यासिर, उमर नबी बट और अन्य आरोपितों के साथ लगातार संपर्क में था। कई साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसने 10 नवंबर को उमर को आत्मघाती हमला करने के लिए उकसाया था और खुद शोपियां में होने के कारण हमले में शामिल न हो पाने पर अफसोस जताया था। एनआईए ने इस साजिश की तह तक जाने के लिए जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है, जहां से कई डिजिटल डिवाइस और आपत्तिज नक सामग्री जब्त की गई है। इससे पहले मुख्य आरोपित डॉ. मुजम्मिल शकील गनी और डॉ. शाहीन सईद के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा चुकी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने यासिर अहमद डार को 26 दिसंबर तक एनआईए हिरासत में भेज दिया है। कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किए गए डार को लेकर सुरक्षा कारणों से सुनवाई बंद कमरे में की गई। वहीं, मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपितों की हिरासत अवधि भी बढ़ाई गई है।

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