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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

काम से लौटते युवक की सड़क हादसे में मौत, आठ माह पहले हुई थी शादी

गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में छाया मातम

आजमगढ़। निजामाबाद–फरिहा रोड पर सोमवार की शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बिजली का काम करके घर लौट रहे जितेंद्र राजभर की बाइक दूसरी बाइक से आमने-सामने भिड़ गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल जितेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।

जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र निवासी गांव पल्हनी, थाना सिधारी, सोमवार की शाम करीब छह बजे निजामाबाद से फरिहा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक की सामने से आ रही दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सड़क पर दूर तक घिसट गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से घायल जितेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उनकी हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें सिधारी स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मगर रविवार की भोर करीब चार बजे इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। मृतक जितेंद्र दो भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर थे। परिवार में वे ही मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके चचेरे भाई ने बताया कि जितेंद्र मेहनती और जिम्मेदार युवक थे, जो पूरे परिवार का सहारा थे। महज आठ माह पहले ही उनकी शादी सुषमा से हुई थी, जो इस समय छह माह की गर्भवती हैं। पति की मौत की खबर सुनकर सुषमा का रो-रोकर बुरा हाल है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। गांव में गम और शोक का माहौल व्याप्त है।

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