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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

आवास योजना में भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल


ग्राम विकास अधिकारी पर रिश्वतखोरी का आरोप

आजमगढ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र गरीबों को घर मुहैया कराने की केंद्र सरकार की मंशा को पलीता लगाने का आरोप अतरौलिया के ग्राम सेल्हरापट्टी में सामने आया है। ग्राम विकास अधिकारी राजेश यादव पर लाभार्थियों से सत्यापन के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक महिला अधिकारी को पैसे देती नजर आ रही है।

पीड़िता केवली, जो चाय-समोसे की छोटी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने बताया कि उनसे ₹15,000 की मांग की गई थी। जब उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए असमर्थता जताई, तो कथित तौर पर कहा गया कि “पैसा दोगी तभी आवास मिलेगा, नहीं तो नाम काट दिया जाएगा।” इसी गांव के एक अन्य निवासी मंटू ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ₹20,000 ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को दिए थे, लेकिन बाद में दोबारा ₹20,000 की मांग की गई। कुल ₹40,000 देने के बाद जाकर उनका आवास स्वीकृत हुआ। 

ग्राम विकास अधिकारी ने आरोपों से किया इंकार 

राजेश यादव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि “हम तीन लोग पीड़िता की दुकान पर चाय पी रहे थे। चाय का पैसा दिया गया, लेकिन चेंज न होने के कारण वह पैसा वापस कर रही थी। उसी दौरान किसी असामाजिक तत्व ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।”

बोले अधिकारी वीडियो मिला है, मागा गया है स्पष्टीकरण 

खंड विकास अधिकारी सागर सिंह ने बताया कि उन्हें शिकायत पत्र और वीडियो प्राप्त हो चुका है। ग्राम विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम बोली, 

उप जिलाधिकारी बुढ़नपुर नंदनी शाह ने कहा कि अभी उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं है, यह खंड विकास अधिकारी के कार्यक्षेत्र का मामला है।


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