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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

अतरौलिया में सांप के डसने से मासूम की मौत

नागपंचमी के बाद हैदरपुर खास में पसरा मातम

आजमगढ़। नागपंचमी जैसे आस्था से भरे पर्व के ठीक अगले दिन अतरौलिया क्षेत्र के हैदरपुर खास गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। बुधवार की शाम गांव निवासी संतोष कनौजिया के 9 वर्षीय पुत्र दिव्यांशु की सांप के डसने से मौत हो गई। इस घटना से गांव में मातम का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, दिव्यांशु शाम लगभग चार बजे घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही स्थित भूसे के घर के पास पहुंचा और उसका दरवाजा खोलने लगा, तभी अचानक सांप ने उसके पैर में डस लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे तत्काल बसखारी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे अंबेडकर नगर रेफर कर दिया। लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई। दिव्यांशु दो भाइयों में सबसे छोटा था और कक्षा तीन का छात्र था। उसका बड़ा भाई अंशु 13 वर्ष का है, जो कक्षा सात में पढ़ता है। पिता संतोष कनौजिया सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता साधना देवी और परिजन बेसुध हैं। घर का माहौल पूरी तरह गमगीन है। नागपंचमी जैसे पर्व, जिसमें सांपों की पूजा की जाती है, उसके अगले ही दिन इस तरह की घटना ने लोगों को भावुक कर दिया है। गांव में हर तरफ शोक की लहर है और लोग दिव्यांशु के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

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