सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

सभासद मोहम्मद अफजल ने गोदाम घाट पर साफ-सफाई का किया निरीक्षण

बोले, माताओं और बहनों को नहीं होने देंगे कोई असुविधा

आजमगढ। डाला छठ को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह तालाबों, पोखरी के घाटों की किनारे साफ-सफाई के साथ बेदी बनाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस क्रम में जिला योजना समिति के सदस्य व गुरुटोला-अनंतपुरा वार्ड के सभासद मोहम्मद अफजल व पूजा समिति के सदस्य दीपू सोनकर सहित उनकी टीम ने लोक आस्था के महापर्व छठ पर शनिवार को गोदाम घाट पहुंच साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान नाव लगवाकर नदी में फैले कचरे की भी सफाई कराई। मोहम्मद अफजल ने कहा कि छठव्रती माताओं और बहनों को पर्व पर कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। साफ-सफाई व अन्य व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद करने के लिए नगरपालिका को पहले से ही बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि सफाई नायक कमलदेव व बेबी सहित उनकी टीम पूरी तनमयता से अपने-अपने कार्य में लगे हैं। किसी को कोई परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। डाला छठ को देखते हुए घाट पर रोशनी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। वहीं लोग बेदी बनाकर अपनी जगह सुरक्षित करने में लगे हैं। 

 नाव लगवा कराई जा रही नदी में फैले कचरे की सफाई 


सर्वाधिक पढ़ीं गईं