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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

जमीन पर कब्जे के विरोध में ग्रामीणों का बूढ़नपुर तहसील पर प्रदर्शन

सीएम पोर्टल पर शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई, आक्रोश


बूढ़नपुर। जमीन पर जबरदस्ती रास्ता निकालकर कब्जा किए जाने के विरोध में नाराज कप्तानगंज केे कौड़िया गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को बूढ़नपुर तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया  कि उन्होंने इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर भी कार्रवाई की थी। लेकिन अधिकारियों ने इसे संज्ञान में नहीं लिया।

  कौड़िया गांव निवासी अर्जुन ने आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के कुछ लोग हमारी जमीन पर कब्जा की नियत से जबरदस्ती दरवाजा खोल रहा हैं। विपक्षी ने पुलिस और प्रशासन से मिलकर बेवजह परेशान कर रहा है। इसकी शिकायत जिले से लेकर तहसील के अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार गई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। आए दिन विपक्षी तरह-तहर से परेशान कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। साथ ही स्थगन का आदेश भी है। वहीं उपजिलाधिकारी नरेंद्र ने बताया कि मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक न्यायालय का कोई फैसला नहीं आता है। तब तक के लिए निर्माण कार्य किसी भी पक्ष द्वारा नहीं किया जाएगा। अगर किसी भी पक्ष द्वारा निर्माण किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान रामपति, भानुमति, चंद्रावती, प्रभावती, सुनीता, श्याम दुलारी, कट्टू सरोज, शीला, उर्मिला, सीता, मंजूर, अर्जुन, सूर्यभान, पवन, रामफेर, बेलवती, प्यारी, अंगद, भाने, राजमणि, रमाकांत वर्मा, शीला, उर्मिला, राजमती, आरती, पूजा, कविता, रविदास, अंजना आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

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