सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

हरिहरात्मक महायज्ञ के लिए निकली भव्य कलश यात्रा


जयकारों से गूंजा दुर्वासा धाम, हजारों श्रद्धालु जुुटे

आजमगढ़। दुर्वासा धाम में श्री हरिहरात्मक महायज्ञ को लेकर बुधवार को गाजे-बाजे और हाथी, घोड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा धूमधाम के साथ निकली गई। कलशयात्रा सिद्ध संत मौनीबाबा के महलिया कुटी से निकलकर दुर्वासा की परिक्रमा करते दुर्वासा मंदिर तक आयी। जहाँ शिवलिंग के पूजन के बाद मौनी बाबा यज्ञशाला में प्रवेश और पूजन हुआ। इस दौरान मौनी बाबा एवं देवी-देवताओं के जयकारों से समूचा क्षेत्र गूंज उठा। हजारों की संख्या में भक्तो ने यज्ञ मंडप में पूजन किया। यज्ञकर्ता स्वामी शुभम दास जी महाराज ने बताया कि पवित्र पुरुषोत्तम मास मंे इस यज्ञ का आयोजन विश्व कल्याण एवं सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया है, जो एक सप्ताह तक चलेगा। जिसमें प्रतिदिन शाम को बाल व्यास अंकित महाराज एवं उमेशाचार्य महाराज संगीतमयी श्रीराम कथा कहेंगे। इस अवसर पर आश्रम के महंत हरिप्रसाद दास, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा, पं.सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन, नारायण दास नागा, रामशंकर चतुर्वेदी, राजनाथ पांडेय, राममिलन सिंह, हाकिम बाबा, बुलबुल सिंह, महंत संजय पांडेय, लालबहादुर चैरसिया लाल, जयप्रकाश दास,  संजय सिंह, हरिगोविंद तिवारी, दीपचंद आदि मौजूद रहे।


सर्वाधिक पढ़ीं गईं