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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

स्वतंत्रा संग्राम की प्रखर ज्वाला फैलाने वाले तिलक और अमर बलिदानी को नमन: कुंदन

जयंती पर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

आजमगढ़। लालडिग्गी ​स्थित श्री बड़ा गणेश मंदिर में रविवार को अ​खिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अमर बलिदानी चंद्र शेखर आज़ाद की जयंती मनाई। इस दौरान मौजूद लोगोंने दोनों महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संगठन के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष पं. अभिषेक पाण्डेय का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पं. सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने कहा कि तिलक और आज़ाद दोनों विभूतियों ने स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर ज्वाला को पूरे देश में फैलाने का कार्य किया। स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है का नारा देकर पं. बाल गंगाधर तिलक ने लोगों में स्वतंत्रतता संग्राम की क्रांति पैदा की, इसी कारण अंग्रेज उन्हें अशांति का पिता कहते थे। तिलक जी ने ही महाराष्ट्र में गणपति स्थापना की शुरुआत 1890 में की थी, उनके कर्म यह बताते हैं कि चरित्र में ब्राह्मणत्व को धारण करके समाज को नई दिशा दी जा सकती है, आज उनके जयंती पर समाज को उनसे सीख लेने की जरूरत है। क्रान्तिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद ने अल्प आयु में ही अंग्रेजी हुकूमत के अंदर दहशत पैदा कर दी थी। अध्यक्षता कर रहे संगठन के पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पं. शर्मानंद पाण्डेय ने कहा कि दोनों महापुरुषों का देश की आजादी में अविस्मरणीय योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि बालगंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र में हुआ था, उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में गरम दल का नेतृत्व किया। चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश में हुआ था, उनका नाम चंद्रशेखर तिवारी था, अंग्रेजो ने उनके वीरता का लोहा मान लिया और उनकी टीम को आतंकवादी घोषित कर दिया था। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष पं. अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि समाज को ब्राह्मणों ने शिक्षा, ज्ञान, संस्कार दिया है और राष्ट्र निर्माण में उनका अमूल्य योगदान है, किन्तु उन्हें उपेक्षित करने की कोशिश की जा रही है, हमारा संगठन ब्राह्मण हित के लिए अग्रसर है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी पं. संजय कुमार पाण्डेय ने किया। इस मौके पर महंत राजेश मिश्र,प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश सचिव बंशीधर पाठक, अजय पाण्डेय, रितेश पाण्डेय, मनोज पाण्डेय, संजय दुबे, हरिप्रसाद पाण्डेय, रमेश चंद्र पाण्डेय, संजय उपाध्याय, अजय उपाध्याय, अयोध्या तिवारी, बागेश्वर पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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