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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

सनातन धर्म आया पसंद तो जनेऊ धारण कर आबिद बन गया आर्यन

शबनम से खुशबू बनी पत्नी बोली हिंदू धर्म अपना अच्छा लग रहा 

आजमगढ़। कभी अयोध्या, कभी मथुरा तो कभी गंगाजल से आचमन और कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार ने आजमगढ़ के मुस्लिम युवक के मन पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ा की उसने हिन्दू धर्म अपना लिया। सोमवार को विधि-विधान से आबिद अंसारी का जनेऊ संस्कार हुआ और आबिद अंसारी आर्यन बन गया। यही नहीं उसके साथ उसकी पत्नी शबनम से खुशबु बन गई। उनके दो पुत्र व दो पुत्रियों का भी हिंदू नाम रखा गया।

 धर्मान्तरण के लिए लगातार चर्चा में रह रहे जनपद आजमगढ़ में सोमवार को जहानागंज थानाक्षेत्र के सुंभी गांव निवासी इलियास अंसारी के छोटे बेटे आबिद अंसारी ने सनातन धर्म अपना लिया और आबिद से आर्यन बन गया। वह पिछले 14 साल से एक विद्यालय के प्रबधक की गाड़ी का ड्राइवर है और उनके साथ अयोध्या में रामलाला, वृन्दावन, मथुरा, काशी उनके साथ दर्शन को आता था तभी से उसके दिल में हिन्दू धर्म एक प्रति आस्था जाएगी और उसने हिन्दू धर्म अपना लिया। आबिद से आर्यन बने युवक ने बताया कि बहुत दिनों से वह जिले के मेहनगर थानाक्षेत्र के सुरेश सिंह की गाड़ी चलाता है। सुरेश गायत्री मां के उपासक हैं। उनके साथ कई बार हरिद्वार और अयोध्या जाना हुआ। उसके बाद आगरा, मथुरा और वृन्दावन में बांके बिहार के मंदिरों में भी गया और भगवान् कृष्ण की आभा देखी तो हिंदू धर्म में वापसी का मन बना लिया। इलियास अंसारी के तीन बेटे हैं। पिता की मौत के बाद सभी अलग रहते हैं। उसने स्कूल प्रबंधक से हिंदू धर्म अपनाने की इच्छा जताई जिसपर वो आश्चर्यचकित हो गए पर फिर उसकी जिद पर उन्होंने सनातनी रीतियों से उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया।

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