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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

सनातन धर्म आया पसंद तो जनेऊ धारण कर आबिद बन गया आर्यन

शबनम से खुशबू बनी पत्नी बोली हिंदू धर्म अपना अच्छा लग रहा 

आजमगढ़। कभी अयोध्या, कभी मथुरा तो कभी गंगाजल से आचमन और कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार ने आजमगढ़ के मुस्लिम युवक के मन पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ा की उसने हिन्दू धर्म अपना लिया। सोमवार को विधि-विधान से आबिद अंसारी का जनेऊ संस्कार हुआ और आबिद अंसारी आर्यन बन गया। यही नहीं उसके साथ उसकी पत्नी शबनम से खुशबु बन गई। उनके दो पुत्र व दो पुत्रियों का भी हिंदू नाम रखा गया।

 धर्मान्तरण के लिए लगातार चर्चा में रह रहे जनपद आजमगढ़ में सोमवार को जहानागंज थानाक्षेत्र के सुंभी गांव निवासी इलियास अंसारी के छोटे बेटे आबिद अंसारी ने सनातन धर्म अपना लिया और आबिद से आर्यन बन गया। वह पिछले 14 साल से एक विद्यालय के प्रबधक की गाड़ी का ड्राइवर है और उनके साथ अयोध्या में रामलाला, वृन्दावन, मथुरा, काशी उनके साथ दर्शन को आता था तभी से उसके दिल में हिन्दू धर्म एक प्रति आस्था जाएगी और उसने हिन्दू धर्म अपना लिया। आबिद से आर्यन बने युवक ने बताया कि बहुत दिनों से वह जिले के मेहनगर थानाक्षेत्र के सुरेश सिंह की गाड़ी चलाता है। सुरेश गायत्री मां के उपासक हैं। उनके साथ कई बार हरिद्वार और अयोध्या जाना हुआ। उसके बाद आगरा, मथुरा और वृन्दावन में बांके बिहार के मंदिरों में भी गया और भगवान् कृष्ण की आभा देखी तो हिंदू धर्म में वापसी का मन बना लिया। इलियास अंसारी के तीन बेटे हैं। पिता की मौत के बाद सभी अलग रहते हैं। उसने स्कूल प्रबंधक से हिंदू धर्म अपनाने की इच्छा जताई जिसपर वो आश्चर्यचकित हो गए पर फिर उसकी जिद पर उन्होंने सनातनी रीतियों से उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया।

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