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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

दो सालों में रोडवेज की 25 बसें हुई स्वाहा, कभी शार्ट-सर्किट तो कभी धूम्रपान बनी वजह

लखनऊ। प्रदेश में रोडवेज बसों का बेड़ा भले ही काफी बड़ा है लेकिन, उसकी खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं है। जो बसें चलने लायक नहीं है, उन्हें भी जैसे-तैसे विभिन्न रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। यही वजह है कि 24 माह में रोडवेज की 25 बसों में आग लगी, यात्रियों को किसी तरह से शीशा तोड़कर निकाला गया। अभी इन बसों से जल्द निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।

राजधानी के आसपास नवंबर व दिसंबर माह में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की दो बसों में आग लग चुकी है। 28 नंवबर को अयोध्या रोड पर चिनहट के आगे कैसरबाग डिपो की जनरथ बस में चलती बस में आग लग गई, यात्रियों को जैसे-तैसे उतारा गया। इस घटना में लखनऊ क्षेत्र के सेवा प्रबंधक सहित तीन निलंबित हो चुके हैं। 11 दिसंबर को बंथरा में आजाद नगर डिपो की चलती बस में आग लगी। फोरमैन सहित अन्य पर कार्रवाई हुई है। सबसे अधिक घटनाएं चित्रकूट क्षेत्र में आग की घटनाएं होने पर वहां भी कार्रवाई हुई है। बसों में शार्ट सर्किट से 13 बसों में आग लगी है। इसी तरह से डीजल टैंक डैमेज होने व वाहन की टक्कर से दो-दो बसें सड़कों पर स्वाहा हो गईं।

29 दिसंबर को मंत्री की समीक्षा में उजागर

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 29 दिसंबर को परिवहन निगम की समीक्षा की थी उसी में ये बातें सामने आईं। हालांकि मंत्री सिंह ने सात दिसंबर को ही निर्देश दिया था कि खस्ताहाल बसों को बेड़े से हटाएं। एमडी संजय कुमार पांच प्रतिशत बसों को हटाने का आदेश दे चुके हैं।

13 बार बसों में शॉर्ट सर्किट

कारण  बस संख्या
चालक की लापरवाही  एक 
शॉर्ट सर्किट 13
खाली बस में आग एक
टक्कर के कारण  दो 
यात्रियों के घूम्रपान के कारण  एक 
डीजल टैंक डैमेज दो 
उपद्रवियों का शिकार तीन 
ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल एक 
पहिए गर्म होने से एक
क्षेत्र का नाम घटना
मेरठ एक
सहारनपुर दो
अलीगढ़ तीन
मुरादाबाद एक
इटावा तीन
कानपुर दो
लखनऊ एक
गोरखपुर एक
वाराणसी दो
चित्रकूट पांच
देवीपाटन एक
नोएडा एक
कुल 25

इन आठ क्षेत्रों में घटना नहीं

आगरा, गाजियाबाद, बरेली, झांसी, अयोध्या, प्रयागराज, आजमगढ़ और हरदोई में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बाकी क्षेत्रों में कहीं एक तो दो और कहीं पांच-पांच बसें जल कर हुईं नष्ट।


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