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खास खबर

बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

मित्तूपुर जहरीली शराब कांड में फरार चल रही आशा यादव के कुर्की नोटिस चस्पा

सपा विधायक रमाकांत यादव की बहू है आरोपी आशा यादव 

आजमगढ़। मित्तूपुुर में जहरीली शराब कांड के मामले फरार चल रही सपा ‌विधायक रमाकांत यादव की बहू आशा यादव के घर बृहस्पतिवार को पुलिस ने 82 की नोटिस चस्पा की है। बताते चलें कि पवई थाना के मित्तूपुर में हुई जहरीली शराब से मौत के मामले में आशा यादव की दुकान से नकली शराब बरामद हुई थी। तभी से वह फरार चल रही हैं। 31 अगस्त 2022 को तत्कालीन पवई थाने के प्रभारी रत्नेश दूबे ने समाज विरोधी क्रियाकलाप में लिप्त मिलने पर आशा यादव पत्नी स्व. अरविंद यादव सहित छह अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना फूलपुर थाने के प्रभारी अनिल सिंह कर रहे हैं। आशा यादव के विरूद्ध न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसी क्रम में न्यायालय द्वारा जारी 82 सीआरपीसी के आदेश के तामिला के लिए बृहस्पतिवार को अभियुक्त आशा यादव के घर सहित गांव में पुलिस ने डुगडुडी पिटवाकर नोटिस चस्पा कराई। फूलपुर थाना प्रभारी ने बताया कि य‌दि आशा यादव एक माह में कोर्ट में समर्पण नहीं करती हें तो धारा 83 सीआरपीसी की कार्यवाही की जाएगी।

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