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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

 बेटी पैदा होने से दुखी पिता ने ट्रेन के आगे कटकर दी जान

भाई को बचाने के चक्कर में ‌बहन की भी कटकर मौत

आजमगढ़। बेटी पैदा होने के तीन दिन बाद डिप्रेशन में आकर युवक ने गोदान एक्सप्रेस से कटकर जान दे दी। भाई को बचाने के लिए दौड़ी बहन की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटना निजामाबाद थाना क्षेत्र में कयामुद्दीनपुर पट्‌टी के पास की है।​​​​​​

  मृतक सोनू यादव (33) कंधारपुर का रहने वाला था। गांव वालों के मुताबिक, सोनू ने बताया था घर में पत्नी और दो बहनें पहले से थी। 15 नवंबर को एक बेटी और पैदा हो गई। उसके पालन-पोषण को लेकर वह टेंशन में था। बेटी के जन्म के बाद से ही सोनू टूट गया था। यही वजह है कि उसने आत्महत्या करने जैसा घातक कदम उठाया है। सोनू गैस एजेंसी की गाड़ी चलाता था। दो साल पहले उसकी मां की मौत हो गई थी। पिता भी छह महीने पहले ही घर से झगड़ा कर कहीं भाग गया। घर पर सोनू की दो बहनें गुड़िया (13) और पूजा थी। पिता दिनेश यादव के जाने के बाद पूरे घर के खर्च चलाने की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई थी। लोगों के मुताबिक सोनू आर्थिक तंगी के चलते सोनू ने आत्महत्या किया। बेटी के पैदा होने के बाद से वह चिंतित था। सोनू अपनी ससुराल जगदीशपुर में रहता था। 15 नवंबर को उसकी पत्नी ने सरायमीर के एक अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी के पैदा होने के बाद आर्थिक तंगी की वजह से वह डिप्रेशन में चला गया था। 17 नवंबर को वह अपने गांव कंधरापुर आया था। शुक्रवार को खेतों को देखने के बाद दोपहर में 11 बजे पल्सर बाइक से बहन गुड़िया को लेकर घर जा रहा था। तभी रास्ते में गोदान एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। उसने ट्रेन को आते देख बाइक को रेलवे लाइन के किनारे खड़ी की। बहन से गाड़ी से उतरने को कहा। वह जैसे ही बाइक से उतरी सोनू आगे बढ़कर रेलवे लाइन पर जाकर खड़ा हो गया। तभी ट्रेन वहां से गुजरी। बहन ने देखा तो वह बचाने के लिए दौड़ी। जब तक वह भाई को बचा पाती, दोनों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।


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