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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Video : चड़ई में पैचिंग कर रहे मजदूरों को ग्रामीणों ने रोका

वीडियो वायरल करने पर भागे कर्मचारी 


रानी की सराय। क्षेत्र के मोतीगंज से चडई गांव तक दो किमी की जर्जर सडक पर विशेष मरम्मत के कार्य किये जाने के आदेश पर शुक्रवार की रात पैचिंग कर रहे मजदूरों को ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढे मे तब्दील सडक पर पैचिंग से काम नही चलेगा। फिर वही समस्या बरकरार रहेगी। इस दौरान ग्रामीणों ने जब वी‌‌‌डियो बनाकर सोशल मी‌‌डिया पर डालना शुरू किया तो कर्मचारी वहां से भाग गए। 

बताते चलें कि मोतीगंज से चड़ई तक मार्ग तकरीबन बारह वर्ष से गड्ढे मे तब्दील है। आये दिन लोग गिर कर घायल होते रहते थे, बारिश के समय तो स्थिति और बदत्तर हो जाती थी। ग्रामीणों ने सडक पर धान रोपाई कर विरोध जताया था और सदर सासंद को भी पत्रक दिया था। इसे संज्ञान में लेते हुए शासन द्वारा सडक गड्ढा मुक्त अभियान शुरू हुआ तो मोतीगंज से चडई तक दो किमी विशेष मरम्मत के लिए धन स्वीकृति हो गया। ग्रामीणों मे प्रसन्नता थी कि कम से कम मरम्मत ही सही हो जाएगी तो आवागमन सुचारु हो जायेगा।इधर शुक्रवार की रात मे कुछ मजदूर थोडे से सामान के साथ पहुंचे और पैचिंग  करने लगे। यह देख ग्रामीण जुट गये और कार्य के बाबत जब पूछा तो बताया कि पांच दिन बाद सही होगा अभी  पैचिंग कर  रहे है। ग्रामीणों ने कार्य का वीडीओ बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस पर कर्मचारी सामान समेट चलते बने। वहां मौजूद मनोज यादव, अमरजीत यादव, राजेश यादव,  रोहित कुमार आदि का कहना है कि कार्य सुचारू हो जिससे कुछ समय के लिए ही सही सड़क पर लोग सुरक्षित चल सके।

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