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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

महिला ने एसडीएम व सरकारी वकील पर लगाया पैसा लेकर वरासत करने का आरोप

सगड़ी। तहसील परिसर में बुधवार को एक महिला ने एसडीएम व सरकारी वकील पर पैसा लेकर गलत वरासत करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया गया। एसडीएम की सूचना पर जब जीयनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो आक्रोशित महिला शांत हुई। एसडीएम न्यायालय से हुए फैसले को लेकर महिला काफी आक्रोशित थी।

तहसील क्षेत्र के भैसौड़ा गांव निवासनी सविता बनाम कमला पांडेय के बीच वरासत को लेकर एसडीएम कोर्ट में अपील हुई थी। इस पर सुनवाई के दौरान तहसीलदार ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया था। कमला पांडेय की पत्नी सुशीला पांडेय ने बताया कि तहसीलदार कोर्ट से हम लोगों के पक्ष में फैसला भी हो गया था। इसके बाद एसडीएम कोर्ट में दोबारा अपील हुई। बीते 29 अक्टूबर को अपीलकर्ता ने अपनी अपील वापस भी ले ली। इसके बाद भी एक नवंबर को अपीलकर्ता की अपील को स्वीकार कर लिया गया। जिस महिला की अपील स्वीकार की गई है उसकी दो साल पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद पैसा लेकर विपक्षी के पक्ष में वरासत का आदेश भी एसडीएम कोर्ट से जारी कर दिया गया। सुशीला पांडेय का आरोप है कि इसके पीछे विपक्षी से ज्यादा रुपये लिए गए हैं, क्योंकि सरकारी वकील जोगिंदर सिंह ने उससे 10 हजार व एसडीएम ने 50 हजार लिया था। जब फैसला विपक्षी के पक्ष में हुआ है तो निश्चित तौर पर उससे और ज्यादा पैसा लिया गया होगा। विपक्षी के पक्ष में फैसला होने की जानकारी होते ही सुशीला पांडेय भड़क उठी और तहसील परिसर में एसडीएम व सरकारी वकील के खिलाफ नारे लगाते हुए जम कर हंगामा शुरू कर दिया। तहसील परिसर में महिला द्वारा हंगामा किए जाने पर एसडीएम राजीव रतन सिंह ने जीयनपुर कोतवाली पुलिस को फोन कर दिया। जिस पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस भी तहसील परिसर पहुंच गई। पुलिस के समझाने-बुझाने पर आक्रोशित महिला कुछ शांत हुई। इसके बाद तहसील परिसर में चल रहा हंगामा बंद हुआ।


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