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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

महिला ने एसडीएम व सरकारी वकील पर लगाया पैसा लेकर वरासत करने का आरोप

सगड़ी। तहसील परिसर में बुधवार को एक महिला ने एसडीएम व सरकारी वकील पर पैसा लेकर गलत वरासत करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया गया। एसडीएम की सूचना पर जब जीयनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो आक्रोशित महिला शांत हुई। एसडीएम न्यायालय से हुए फैसले को लेकर महिला काफी आक्रोशित थी।

तहसील क्षेत्र के भैसौड़ा गांव निवासनी सविता बनाम कमला पांडेय के बीच वरासत को लेकर एसडीएम कोर्ट में अपील हुई थी। इस पर सुनवाई के दौरान तहसीलदार ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया था। कमला पांडेय की पत्नी सुशीला पांडेय ने बताया कि तहसीलदार कोर्ट से हम लोगों के पक्ष में फैसला भी हो गया था। इसके बाद एसडीएम कोर्ट में दोबारा अपील हुई। बीते 29 अक्टूबर को अपीलकर्ता ने अपनी अपील वापस भी ले ली। इसके बाद भी एक नवंबर को अपीलकर्ता की अपील को स्वीकार कर लिया गया। जिस महिला की अपील स्वीकार की गई है उसकी दो साल पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद पैसा लेकर विपक्षी के पक्ष में वरासत का आदेश भी एसडीएम कोर्ट से जारी कर दिया गया। सुशीला पांडेय का आरोप है कि इसके पीछे विपक्षी से ज्यादा रुपये लिए गए हैं, क्योंकि सरकारी वकील जोगिंदर सिंह ने उससे 10 हजार व एसडीएम ने 50 हजार लिया था। जब फैसला विपक्षी के पक्ष में हुआ है तो निश्चित तौर पर उससे और ज्यादा पैसा लिया गया होगा। विपक्षी के पक्ष में फैसला होने की जानकारी होते ही सुशीला पांडेय भड़क उठी और तहसील परिसर में एसडीएम व सरकारी वकील के खिलाफ नारे लगाते हुए जम कर हंगामा शुरू कर दिया। तहसील परिसर में महिला द्वारा हंगामा किए जाने पर एसडीएम राजीव रतन सिंह ने जीयनपुर कोतवाली पुलिस को फोन कर दिया। जिस पर जीयनपुर कोतवाली पुलिस भी तहसील परिसर पहुंच गई। पुलिस के समझाने-बुझाने पर आक्रोशित महिला कुछ शांत हुई। इसके बाद तहसील परिसर में चल रहा हंगामा बंद हुआ।


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