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खास खबर

बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

वीडियो बनाने के विवाद में पिता-पुत्र ने किशोर पर उड़ेला दो बोतल तेजाब

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, पी‌ड़ित किशोर ने बताई आपबीती

मऊ। जिले में एक किशोर को वीडियो बनाने का विरोध करना भारी पड़ गया। विरोध से नाराज पिता-पुत्र ने बीती रात किशोर को दबोच लिया। जमीन पर पटका और शरीर पर दो बोतल तेजाब उड़ेल दिया। बुरी तरह झुलसने के कारण किशोर बेसुध हो गया तो मरा जानकर पिता-पुत्र भाग निकले। यह रूह कंपाने वाली वारदात की कहानी तेजाब के हमले में गंभीर रूप से झुलसे किशोर ने सुनाई।

  पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपी फरार हैं। घटना मधुबन थाना क्षेत्र के उंदूरा गांव की है। तहरीर के मुताबिक, मधुबन थाना क्षेत्र के पलिया निवासी विजय राजभर का पुत्र सचिन (17) टेंट हाउस में काम करता है। बीती रात सचिन एक वैवाहिक कार्यक्रम से घर लौट रहा था। रास्ते में उंदूरा गांव निवासी राजेंद्र और उसके 20 वर्षीय पुत्र सनी ने सचिन को दबोच लिया। पिता-पुत्र की जोड़ी ने सचिन को सड़क पर पटक दिया और दो बोतल में रखा तेजाब उसके शरीर पर उड़ेल दिया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण सचिन बेसुध हो गया तो उसे मृत समझकर आरोपी पिता-पुत्र भाग निकले। घटना के करीब तीन घंटे बाद सचिन को होश आया तो उसने मोबाइल से परिजनों को हमले के बार में जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन उसे फतेहपुर मंडाव सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है। इस बाबत एसओ मधुबन सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। वीडियो को लेकर क्या था विवाद जिला अस्पताल में भर्ती सचिन ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके चाचा अपने बेटे को किसी बात को लेकर डांट रहे थे। इसी बीच आरोपी युवक सनी की बहन इसका वीडियो बनाने लगी। जो उसे नागवार गुजरा और उसने विरोध करते हुए मना कर दिया। इसकी जानकारी होने पर सनी और उसके पिता राजेंद्र ने उसे बहुत बुरा भला कहने के साथ जान से मारने की धमकी दी। एक सप्ताह तक कुछ न होने के बाद वह इससे बेफिक्र हो गया था।  कहा कि नहीं पता था कि छोटी सी बात में मुझपर ऐसा जानलेवा हमला होगा। बताया कि आरोपी राजेंद्र गोरखपुर में किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थकर्मी के पद पर तैनात है। 

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