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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

मरीज की अस्पताल में मौत, लापरवाही का आरोप

परिजनों ने घंटों जिला अस्पताल के वार्ड में किया हंगामा
डॉक्टरों द्वारा मरीज को न देखने का आरोप लगा रहे परिजन

आजमगढ़। जिला अस्पताल में बुधवार को दिन में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक मरीज की मौत हो जाने पर परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। काफी समझाने-बुझाने पर परिजन शांत हुए और शव लेकर घर चले गए।
 कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रतनावे गांव निवासी दयाराम (60) पुत्र स्व. तीरथ को पेशाब होने में दिक्कत थी। परिजन बुधवार की सुबह उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती करा दिया। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें वार्ड में भर्ती कर लिया। लगभग डेढ़ घंटे बाद दयाराम ने अस्पताल के बेड पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने के बाद कोई भी डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। ऐसा नहीं है कि वार्ड में राउंड पर कोई डॉक्टर न आया हो। दो-दो डॉक्टर राउंड पर आए थे लेकिन किसी ने भी उनके मरीज को देखने की जहमत नहीं उठायी। वे नर्स ड्यूटी रूम में जाकर डॉक्टर को बुलाने का गुहार लगाते रहे और नर्सों द्वारा सिर्फ डॉक्टर के जल्द आने का आश्वासन ही दिया जा रहा था। परिजनों ने जब हो हल्ला मचाना और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया तो अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और किसी तरह समझा-बुझा कर परिजनों को शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
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मरीज के मौत का कारण चाहे जो रहा हो लेकिन लापरवाही का आरोप लगत है। नर्स संबंधित डॉक्टर को कॉल करती हैं और डॉक्टर तत्काल पहुंच कर मरीज को देखते है। अस्पताल में कहीं कोई लापरवाही नहीं हुई है। डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी एसआईसी, मंडलीय चिकित्सालय, आजमगढ़।


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