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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

मऊ में PFI का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

 

कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

मऊ। जिले की एटीएस ने PFI के एक सक्रिय कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ एटीएस आरोपी पर कई दिनों से नजर बनाए हुए थी। आरोपी कार्रवाई से बचने के लिए लगातार जगह को बदल रहा था। संगठन के लिए गुपचुप तरीके से कार्य कर रहा था।

पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) एक ऐसा संगठन जिस पर बीते सालों में आतंक की कई घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर एमपी में खरगोन दंगों और उदयपुर में टेलर का सिर कलम करने तक में इस संगठन का नाम आया है। मऊ जिले में पकड़े गए PFI कार्यकर्ता को एटीएस ने पुलिस के सहयोग से न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पीएफआई कार्यकर्ता का नाम नासिर कमाल है जो मऊ जिले के थाना कोतवाली का रहने वाला है। वह चार भाषाओं का जानकार भी है। आजमगढ़ की एटीएस यूनिट इस पर बहुत दिनों से किस की गतिविधियों पर नजर बनाकर रखी हुई थी। मऊ पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में लिया गया उसके बाद पूछताछ में उसने बताया कि वह पीएफआई के लिए कार्य करता है। उसने लखनऊ जाकर पीएफआई के कई तकरीरों को सुना है, तथा वह पीएफआई के हिरासत में लिए गए कई लोगों को बड़ी ही अच्छी तरह जानता और पहचानता है और उनसे उनके बातचीत के साथ संपर्क भी रहे हैं। वह हिंदी के साथ साथ अंग्रेजी उर्दू और अरबी भाषा में बहुत अच्छी पकड़ रखता है। पीएफआई के कार्यकर्ता को आजमगढ़ एटीएस नजर रखी हुई थी और उसकी ही सूचना पर उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की गई।

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