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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

विश्वेश्वर ने नहीं मानी हार, आठवें प्रयास में मिली सफलता


पीसीएस 2021 में चयन से परिजनों में हर्ष, बधाई को तांता

सगड़ी। तहसील क्षेत्र के गड़ेरुवा गांव के विश्वेश्वर का चयन पीसीएस 2021 में हुआ है। उन्होंने 161वीं रैंक प्राप्त की है। विश्वेश्वर के चयन से परिजनों के साथ ग्रामीणों में हर्ष है। उनके आवास पर बधाई देने वालो का तांता लगा है। इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। 

गड़ेरुवा गांव के विशेश्वर सिंह पुत्र स्व  रमाशंकर सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत से 2021 पीसीएस परीक्षा में अपना स्थान हासिल किया। विशेश्वर सिंह की प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय गड़ेरुवा गांव से हुई। उन्होंने जूनियर की शिक्षा अपने गांव से सरकारी स्कूल से प्राप्त किया। हाईस्कूल हरैया और इंटरमीडिएट मालटारी से किया। ग्रेजुएशन लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ  और पीजी बीएड कानपुर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान समय में बावन बीघा इंटर कॉलेज लमही वाराणसी में शिक्षक बतौर तैनात हैं। वर्ष 2013 से पीसीएस की परीक्षा का मेंस तक पहुंचे। लगातार सात बार मेंस तक पहुंचने के बाद हिम्मत नहीं हारी और अंततः आठवीं बार मेंस तक पहुंचे और आखिरी बार 2021 में उन्हें सफलता मिली। तीन भाई हैं, ओमप्रकाश हरिद्वार में फारेस्टर हैं तो वहीं दूसरे भाई सच्चिदानंद सिंह पोस्टमास्टर हैं। गांव पर ही रहते हैं। यह खबर सुनकर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा है। 

बधाई देने वालों में गांव के अभिषेक सिंह उर्फ उधम सिंह, सच्चिदानंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, पवन सिंह, अंशुमान सिंह, हरिओम सिंह, बृजभूषण सिंह, राजकुमार, लाल बहादुर सिंह, रीता सिंह, ममता सिंह, आयुषी, प्रतिभा सिंह आदि शामिल हैं। 


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