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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

महिला अस्पताल के संविदा कंप्यूटर आपरेटर ने गोली मारकर की आत्महत्या

दीपावली की रात हुई घटना से परिवार में कोहराम 

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा

आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल के संविदा कर्मचारी पंकज यादव ने सोमवार की देर रात करीब नौ बजे घर में ही गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दूसरी मंजिल पर गोली चलने की आवाज सुन स्वजन दौड़े, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पंकज लहूलुहान जमीन पर गिरा था। उसने आत्महत्या क्यों की इस संबंध में परिवार को लोग भी कुछ बताने में अक्षम है। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर पहंची कंधरापुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सेे दीपावली की खुशी मातम में बदल गई है।

 कंधरापुर थाना अंतरगत आजमपुर चकिया गांव निवासी पंकज यादव जिला महिला अस्पताल में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर तैनात था। सोमवार की रात परिवार के लोग दीपावली पर्व मनाने में व्यस्त थे। रात करीब नौ बजे पंकज की मां लक्ष्मी गणेश की पूजा कर रही थी। परिवार में खुशी का माहौल था। इसी बीच पंकज ने घर के दूसरी मंजिल पर पहुंचकर खुद के सीने में गोली मार ली। गोली चलने से हुई तेज आवाज सुन परिवार के लोग सहम उठे। पूजा छोड़कर पंकज की मां और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो नजारा देखकर कांप उठे। गोली सीने में लगने से लहूलुहान पंकज जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। गोली की आवाज सुनकर पास पड़ोस के लोग भी मौक पर पहुंच गए। जबतक लोग पंकज को अस्पताल ले जाने की तैयारी करते उसकी मौत हो गए। त्योहार के दिन पंकज की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी शुभागिनी पति का शव देख बिलख उठीं। पंकज तीन भाइयों में बड़ा था। उसका एक पुत्र है।

 

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