सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

पंचायत सहायक ने दो बच्चों संग ट्रेन से कटकर दी जान

बेटे की आंखों का ऑपरेशन कराकर लौटी थी महिला चार माह पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास रानी की सराय। सराय रानी रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस की चपेट में आने से पंचायत सहायक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। देर शाम मृतकों की पहचान गंभीरपुर थाना क्षेत्र के भौतर गांव निवासी खुशबू यादव (28), उसके तीन वर्षीय बेटे वैदिक यादव और 13 माह के बेटे आदिविक यादव के रूप में हुई। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। हालांकि, महिला के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। खुशबू भौतर गांव में पंचायत सहायक के पद पर तैनात थी। उसकी ससुराल तहबरपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में थी। पति विपिन यादव लुधियाना में रहकर काम करता है। पति के मुताबिक, बड़े बेटे वैदिक की दोनों आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए वह 23 अक्तूबर को पत्नी और दोनों बच्चों के साथ वाराणसी गया था। ऑपरेशन के बाद 25 अक्तूबर को सभी मदारपुर स्थित घर लौट आए। 27 अक्तूबर को विपिन पत्नी को उसके मायके भौतर गांव छोड़कर चला गया था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे खुशबू दोनों बच्चों के...

Video : महिला चिकित्सक की अभद्रता पर कार्य बहिष्कार, दिया धरना

100 शैय्या हास्पिटल तरवां का यह पूरा मामला

आजमगढ़। 100 शैय्या हास्पिटल तरवां के समस्त चिकित्सकीय स्टाफ ने मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायती पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि एक महिला चिकित्सक पारिवारिक विवाद को लेकर वह अस्पताल में पहुंच गई। जहां पर उसने अपने पति एवं हास्पिटल के चिकित्सक के साथ अभद्रता करने लगी। वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने जब उसे समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी महिला चिकित्सक अभद्रता करने लगी।


 शिकायत पत्र में चिकित्सकीय स्टाफ (उपचारिका एवं नर्स) ने आरोप लगाया कि वहां ड्यूटी पर तैनात कुसुम (उपचारिका), अंशु किरण राय के साथ मारपीट भी की। शोर की आवाज सुनकर रेनु व साधना गई तो उन्हें भी महिला चिकित्सक ने मारा। नर्स अंशु किरण राय ने इसकी जानकारी चिकित्साअधिक्षक को दी लेकिन इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका सभी ने घोर निंदा किया। चिकित्सकीय स्टाफ ने घोर निंदा करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। जिसे लेकर वहां उपचार कराने आए मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।



 

सर्वाधिक पढ़ीं गईं