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बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

महिला शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली को निकाला शांति मार्च

गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ संपन्न हुआ शांति मार्च

आजमगढ़। महिला शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन पुनः बहाल करने को रविवार को नगर में शांतिमार्च निकाला। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शांति मार्च का ‌नेतृत्व महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष शिखा मौर्य ने किया। शांति मार्च में जनपद के पेंशनविहीन कर्मचारी भी शामिल रहे।   

संगठन की जिलाध्यक्ष शिखा मौर्य ने बताया कि उप्र शासन द्वारा अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक, कर्मचारियों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू की गई जो शिक्षक कर्मचारी समाज को स्वीकार नहीं है।शांति मार्च कलेक्ट्रेट के सामने स्थित अंबेडकर पार्क से शुरू होकर रैदोपुर चौराहा स्थित अहिंसा के पुजारी, युगप्रवर्तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद समाप्त हुआ।

संगठन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रतिभा श्रीवास्तव ने कहा कि, राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा अपना पूरा जीवन प्रदेश के विकास एवं योजना के क्रियांवयन में अर्पित करने के बाद उन्हें व उनके परिवार को बेसहारा छोड़ना न्याय संगत नहीं है। इन्हें भी समाज में सम्मान पूर्वक जीने का हक मिलना चाहिए। इसके बाद महिला शिक्षक संघ की टीम द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित पुरानी पेंशन बहाल करने का मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया गया।इस मौके पर संगठन मंत्री अंजू राय, सीमा, अमृता, दीपिका, बेनी शर्मा, कुमुद, निवेदिता, मालती, प्रियंका कुमारी, सोनम, सुमन, साधना, अलका, नीतू, रेखा, रिजवाना आदि शामिल रहीं।

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