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खास खबर

बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

अनाथ आश्रम की आड़ में बच्चा बेचने का कारोबारी गिरफ्तार

अब तक आठ बदमाशों को पुलिस भेज चुकी है जेल

चार नामजद सहित सात की तलाश जारी

आजमगढ़। अनाथ आश्रम की आड़ में बच्चा बेचने का कारोबार करने वाले गिरोह के एक और सदस्य मनीष मिश्रा को रविवार को गोरखपुर जिले के तिवारीपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। अब तक पुलिस इस मामले में आठ आरोपियों को जेल भेज चुकी है जबकि चार नामजद सहित सात की तलाश जारी है।

 बता दें कि मऊ जिले के मोहम्मदाबाद में अनाथ आश्रम चलाने वाले शेखर व उसके साथी अनाथ आश्रम के आड़ में बच्चों को बचने का कारोबार करते हैं ऐसी शिकायत पुलिस को मिली थी। इसी बीच गिरोह के मुखिया शेखर तिवारी व उसके साथियों ने गोरखनाथ राजेंद्र नगर इलाके में रहने वाली शायदा उर्फ गुड़िया के बेटे अंश को तीन लाख रुपये में बेचने का प्लान बनाया था। 26 सितंबर की रात वे शायदा को झांसा देकर बच्चे के साथ डोमिनगढ़ पुल पर ले आए और बच्चे को अगवा कर लिया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने शेखर समेत तीन लोगों को पकड़ लिया था। जबकि गिरोह के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से बच्चे को लेकर भाग गए थे। शायदा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तिवारीपुर थाना पुलिस ने शेखर तिवारी, अनिल पासवान, जितेंद्र भारती, अनुराधा उर्फ गोल्डी उसकी मां पुष्पा देवी, अंकित मिश्रा और इलियाज खां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी आरोपियों की तलाश जारी थी। इस बीच रविवार को पुलिस को जानकारी मिली कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे बांसगांव के हड़वा रामचंद्र उर्फ आनंदपुरवा गांव निवासी मनीष मिश्रा डोमिनगढ़ में मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल फोन में 20 बच्चों के फोटो मिले, जिनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। घटना में शामिल रहे गोरखनाथ के राजेंद्रनगर निवासी बदमाश अंकुर सिंह उसके साथी टुनटुन, रवि, छोटू समेत तीन अन्य की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।