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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

मुकदमे से नाम निकालने को सीओ के पेशकार ने लिए 70 हजार

नाम भी नहीं निकला, हो गई 82 की कार्रवाई
पैसा वापस करने पर हाजिर होने की सलाह दे रहा सलाह

आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के हरिश्चंदपुर गांव में हुई मारपीट के एक मामले में आरोपी बनाए गए युवक का नाम मुकदमे से वापस निकालने के लिए सीओ सदर के पेशकार ने एक आरोपी की मां से 70 हजार रुपये ले लिया। इसके बाद भी आरोपी का नाम मुकदमे से नहीं निकाला गया। इतना ही नहीं आरोपी के घर 82 की नोटिस भी चस्पा हो गई। जिस पर आरोपी ने एसपी को पत्रक सौंप कर पैसा वापस दिलाने की मांग किया है।  हरिश्चंदपुर गांव में नौ मई 2022 में पूर्व व वर्तमान प्रधान पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। मारपीट की इस घटना में वादी मुकदमा पूर्व प्रधान इंदल कुमार ने वर्तमान प्रधान विरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, साजमन, पंकज, प्रीत‌ि व राजकुमार को नामजद किया। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ सदर द्वारा की जा रही थी। इस मामले में साजमन का नाम मुकदमे से वापस निकालने के लिए सीओ सदर के पीआरओ ने मां लक्ष्मीना से 70 हजार रुपये ले लिया। पैसा लेने के बाद भी साजमन का नाम नहीं निकाला गया और 82 की नोटिस भी चस्पा हो गई। साजमन ने जब सीओ पेशकार से इस बाबत बात किया तो उसने हाजिर हो जाने की सलाह दिया। इसके साथ ही साजमन की पेशकार से पैसे के लेनदेन व उसे वापस करने को लेकर बातचीत का आडियो भी वायरल हो रहा है। साजमन पुलिस विभाग में कांस्टेबल था और वाराणसी में उसकी तैनाती थी। शासन स्तर से बर्खास्त किए गए 74 सिपाहियों में वह भी शामिल है। साजमन ने एसपी को पत्रक सौंप कर पेशकार से पैसा वापस दिलाने व मुकदमे की नए सिरे से जांच करा कर कार्रवाई किए जाने की मांग किया है। साजमन का आरोप है कि मुख्य आरोपी महेंद्र यादव है और उसे बचाने का पूरा प्रयास सीओ की जांच में हुआ है।
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विभागीय मामला है, शिकायत प्राप्त हुई है। जांच की कवायद चल रही है। जांच पूरी होने पर यदि आरोप सिद्ध होता है तो निश्चित तौर पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र लाल, एसपी सिटी


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