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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

आजमगढ़ समेत 16 जिलों के स्कूलों मैं मिड डे मील न बनने की होगी जांच

शासन ने संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के दिए निर्देश

आजमगढ़। प्रदेश के 16 जिलों में विभिन्न विद्यालयों में मिड डे मील न बनने का मामला सामने आया है। ये मामला बीते महीने 19 से 30 सितंबर के बीच का है। शासन ने इसकी जांच करके कार्यवाही करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

इसकी जानकारी मिड डे मील की निगरानी के लिए बने आईवीआरएस पोर्टल पर विद्यालयों से ही मिली है। इस पोर्टल पर प्रधानाध्यापक या प्रभारी शिक्षक को रोजाना मिड डे मील बनने व उसके वितरण की जानकारी देनी होती है। इसी क्रम में पोर्टल पर बदायूं के 23, प्रयागराज के 16, शाहजहांपुर के 15, बलिया के 14, उन्नाव के छह, आजमगढ़, कानपुर देहात, कुशीनगर के पांच थे। इसके बावजूद कई जिलों से उपभोग प्रमाणपत्र देने में ढिलाई बरती गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 के भत्ता वितरण के प्रमाणपत्र बलिया, सिद्धार्थनगर, मेरठ, रायबरेली, खीरी, सीतापुर, औरैया, लखनऊ, इटावा, बदायूं, मुजफ्फरनगर, उन्नाव, बिजनौर, श्रावस्ती व बुलंदशहर जिलों से 29 से 56 फीसदी ही. पांच, संतकबीरनगर, गोरखपुर के चार चार और बरेली, गाजीपुर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, रायबरेली व वाराणसी के तीन-तीन अपलोड हुए हैं। विद्यालयों में मिड डे मील न मिलने की बात सामने आई है।  इसी पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने संबंधित अधिकारियों से इसकी जांच कराने व जरूरी कार्यवाही करने के लिए कहा है। वहीं कोविड काल का खाद्य सुरक्षा भत्ता बांटने व उसका उपभोग प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश महानिदेशक ने पूर्व में दिए लिए कहा गया है। वहीं सत्र 2021-22 के औरैया, अमेठी, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बुलंदशहर, संतकबीरनगर, रायबरेली, अयोध्या, मैनपुरी, जालौन, लखीमपुर खीरी, जालौन, मेरठ, बलिया, मुजफ्फरनगर व बस्ती से मात्र 0 से 17 फीसदी वितरण के प्रमाणपत्र अपलोड हुए हैं। इन सभी जिलों से शत प्रतिशत प्रमाणपत्र अपलोड करने के

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