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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Lucknow: प्लाट में भरे पानी में डूबकर दस वर्षीय नैतिक की मौत

घर से खेलने निकला था नैतिक...मां को मिला शव

लखनऊ। दोपहर में मां से मिलकर खेलने निकले 10 वर्षीय नैतिक की खाली प्लाट में भरे बारिश के पानी में डूबने से मौत हो गई। मां रेनू नैतिक का इंतजार कर रही थी, लेकिन वापस उसे बेटे का शव मिला। गोमतीनगर में शुक्रवार को पानी भरे गड्ढ़े में डूबकर देवांश की मौत हो गई थी। इस घटना को लोग अभी भुला भी नहीं पाए थे कि गांधी नगर तेलीबाग में नैतिक की जान चली गई। नैतिक कक्षा तीन का छात्र था।

नैतिक शनिवार शाम को चचेरे भाई आठ वर्षीय कृष्णा के साथ खेलने निकला था। शाम करीब पांच बजे घर के पीछे स्थित एक खाली प्लाट की दीवार पर चढ़कर वह दूसरी तरफ जा रहा था। इसी बीच अचानक उसका पैर फिसल गया और वह प्लाट के अंदर भरे पानी में जा गिरा। नैतिक को डूबता देख कृष्णा भागते हुए घर पहुंचा और मामले की जानकारी दी। बबलू और आस-पड़ोस के लोग वहां पहुंचे तो पानी में नैतिक का चप्पल उतरा रहा था। यह देख नैतिक की मां रेनू और पिता बबलू बेसुध हो गए। पुलिस ने प्लाट के अंदर भरे पानी के दलदल में दबे नैतिक को निकालकर निजी अस्पताल भिजवाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगाें ने बताया कि प्लाट तालाब से जुड़ा हुआ है। सरोजनी नगर एसडीएम सिद्धार्थ कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण कर प्लाट की जांच के आदेश दिए। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्लाट की चहारदीवारी की गई थी और गेट भी लगा था। प्लाट के अंदर पहले से काफी गंदगी और गोबर भरा था, जिसे निकाला गया था। इसके कारण वहां काफी गड्ढा हो गया था और बारिश का पानी भर गया था। रेनू को रोता देखकर उनका छोटा बेटा प्रतीक व बेटी प्रिया भी बिलख पड़े। दोनों मां के पास पहुंचे और उन्हें चुप कराते हुए कहने लगे कि वे बिना पूछे कहीं नहीं जाएंगे।

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