सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Indore: सात कर्मचारियों को कंपनी ने निकाला, सभी ने खाया जहर, गंभीर

घटना के बाद से कंपनी का मालिक फरार

इंदौर। इंदौर में एक फैक्ट्री में काम करने वाले सात कर्मचारियों ने एक साथ जहर खा लिया। सभी को कंपनी से निकाल दिया था, इसलिए उन्होंने खौफनाक कदम उठाया। सभी का एमवाई अस्पताल में उपचार जारी है। पूरा मामल परदेशीपुरा थाना क्षेत्र की अजमेरा वायर कंपनी का है। कंपनी मॉड्यूलर किचन का सामान बनाने का काम करती है। यहां पर 15 से 20 कर्मचारी काम करते हैं।

जानकारी के अनुसार उक्त कंपनी से निकाले जाने वालों में जमनाधर विश्वकर्मा, दीपक सिंह, राजेश मेमियोरिया, देवीलाल करेडिया, रवि करेड़िया, जितेंद्र धमनिया, शेखर वर्मा शामिल हैं। सातों ने कंपनी द्वारा नौकरी से निकाले जाने के बाद जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद से कंपनी मालिक रवि बाफना और पुनीत अजमेरा लापता हैं। सभी कर्मचारियों को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां इलाज जारी है। फिलहाल परदेशी पुरा पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के अनुसार सभी की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मरीजों के परिजनों का कहना है कि कंपनी मालिक ने नई कंपनी खोली है और निकाले गए कर्मचारियों को उस नई कंपनी में काम देने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दबाव में इन्होंने यह कदम उठाया।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं