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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Gujarat: वडोदरा में चौंकाने वाला मामला, शादी के आठ साल बाद पता चला पहले महिला था पति

            दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई, फरवरी, 2014 में शादी हुई

गुजरात। वडोदरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को शादी के आठ साल बाद पता चला कि उसका पति पहले एक महिला था। उसने पुरुष बनने के लिए लिंग परिवर्तन कराया था। दोनों की शादी 2014 में हुई थी। मामला तब सामने आया, जब सयाजीगंज की महिला ने पति डॉ. विराज वर्धन के खिलाफ शहर के गोत्री थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत 2020 में कोलकाता में विराज की हुई सर्जरी की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई गई। 

महिला ने आरोप लगाया कि सर्जरी के दस्तावेज से पता चला कि उसका पति शुरुआत से एक महिला था। बाद में उसने लिंग परिवर्तन कराया और इस मामले को शादी के आठ साल तक छिपाए रखा। तथ्यों की जांच के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और विराज उर्फ विजेता को दिल्ली से वडोदरा लाई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी विराज दिल्ली का रहने वाला है। उसने वडोदरा की महिला से शादी की थी लेकिन दोनों का रिश्ता कभी भी पति-पत्नी की तरह नहीं रहा। 

मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये हुई थी मुलाकात

महिला के वकील सिद्धार्थ पवार ने खुलासा किया, दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई। तब महिला विधवा थी। फरवरी, 2014 में शादी हुई। दोनों के परिजन शादी के लिए जब वडोदरा में मिले तब आरोपी के परिवार ने उसके महिला होने की जानकारी नहीं दी। सच्चाई छिपाने के आरोप में पुलिस ने विराज की मां व बहन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की है।

कभी दुर्घटना का बहाना तो कभी एलर्जी का

वडोदरा के डिप्टी पुलिस कमिश्नर अभय सोनी ने बताया, शादी के बाद दोनों दिल्ली आ गए। तब से उनमें शारीरिक रिश्ते नहीं बने। महिला ने जब पति पर दबाव डाला तो उसने दावा किया कि कुछ साल पहले रूस में उसके साथ दुर्घटना हुई थी, जिस वजह से वह यौन संबंध बनाने में असमर्थ हो गया। वह प्राइवेट पार्ट में एलर्जी के बहाने भी बनाता था।

पति का दावा...पत्नी सबकुछ पहले से जानती थी

विराज ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि शादी से पहले वह (पत्नी) सबकुछ जानती थी। लिंग परिवर्तन के लिए सर्जरी कराने की बात से भी वह अवगत थी। सर्जरी के तीन चरणों की प्रक्रिया अभी बाकी है, यह बात भी उसे पता है। विराज ने कहा, मैंने उसकी बेटी को आधिकारिक रूप से अपनाया था। अब शादी के आठ साल बाद दावा कर रही है कि वह अपने पति के शरीर को भी नहीं जानती है।

दोनों अलग-अलग कमरे में रहते थे 

विराज ने दावा किया, हम दोनों पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग कमरे में रह रहे हैं। उसने मेरे कमरे में कैमरा लगाया था और तस्वीरें खीचती थीं।

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