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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

Gujarat: वडोदरा में चौंकाने वाला मामला, शादी के आठ साल बाद पता चला पहले महिला था पति

            दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई, फरवरी, 2014 में शादी हुई

गुजरात। वडोदरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को शादी के आठ साल बाद पता चला कि उसका पति पहले एक महिला था। उसने पुरुष बनने के लिए लिंग परिवर्तन कराया था। दोनों की शादी 2014 में हुई थी। मामला तब सामने आया, जब सयाजीगंज की महिला ने पति डॉ. विराज वर्धन के खिलाफ शहर के गोत्री थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत 2020 में कोलकाता में विराज की हुई सर्जरी की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई गई। 

महिला ने आरोप लगाया कि सर्जरी के दस्तावेज से पता चला कि उसका पति शुरुआत से एक महिला था। बाद में उसने लिंग परिवर्तन कराया और इस मामले को शादी के आठ साल तक छिपाए रखा। तथ्यों की जांच के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और विराज उर्फ विजेता को दिल्ली से वडोदरा लाई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी विराज दिल्ली का रहने वाला है। उसने वडोदरा की महिला से शादी की थी लेकिन दोनों का रिश्ता कभी भी पति-पत्नी की तरह नहीं रहा। 

मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये हुई थी मुलाकात

महिला के वकील सिद्धार्थ पवार ने खुलासा किया, दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई। तब महिला विधवा थी। फरवरी, 2014 में शादी हुई। दोनों के परिजन शादी के लिए जब वडोदरा में मिले तब आरोपी के परिवार ने उसके महिला होने की जानकारी नहीं दी। सच्चाई छिपाने के आरोप में पुलिस ने विराज की मां व बहन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की है।

कभी दुर्घटना का बहाना तो कभी एलर्जी का

वडोदरा के डिप्टी पुलिस कमिश्नर अभय सोनी ने बताया, शादी के बाद दोनों दिल्ली आ गए। तब से उनमें शारीरिक रिश्ते नहीं बने। महिला ने जब पति पर दबाव डाला तो उसने दावा किया कि कुछ साल पहले रूस में उसके साथ दुर्घटना हुई थी, जिस वजह से वह यौन संबंध बनाने में असमर्थ हो गया। वह प्राइवेट पार्ट में एलर्जी के बहाने भी बनाता था।

पति का दावा...पत्नी सबकुछ पहले से जानती थी

विराज ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि शादी से पहले वह (पत्नी) सबकुछ जानती थी। लिंग परिवर्तन के लिए सर्जरी कराने की बात से भी वह अवगत थी। सर्जरी के तीन चरणों की प्रक्रिया अभी बाकी है, यह बात भी उसे पता है। विराज ने कहा, मैंने उसकी बेटी को आधिकारिक रूप से अपनाया था। अब शादी के आठ साल बाद दावा कर रही है कि वह अपने पति के शरीर को भी नहीं जानती है।

दोनों अलग-अलग कमरे में रहते थे 

विराज ने दावा किया, हम दोनों पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग कमरे में रह रहे हैं। उसने मेरे कमरे में कैमरा लगाया था और तस्वीरें खीचती थीं।

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