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बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

चार साल में दोबारा हुई कैंसर की पुष्टि तो युवक ने नदी में लगाई छलांग

आजमगढ़। जौनपुर जिले में एक युवक में चार साल के भीतर दूसरी बार कैंसर की पुष्टि हुई तो उसके सब्र का बांध टूट गया। युवक ने मंगलवार की दोपहर शाही पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस युवक की तलाश में जुटी है। युवक ने अस्पताल से लौटते समय चक्कर का बहाना करके यह आत्मघाती कदम उठाया। जौनपुर जिले के अहियापुर गांव निवासी संतोष प्रजापति को चार साल पहले कैंसर हुआ था। कीमो थिरेपी के जरिए उसका इलाज चल रहा था। बीच में उसकी रिपोर्ट नार्मल आई थी। इससे पूरा परिवार खुश था। हाल में उसे कुछ दिक्कत हुई तो फिर उसकी जांच वाराणसी भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट में संतोष को दोबारा कैंसर की पुष्टि की गई थी। मंगलवार को अस्पताल में रिपोर्ट देखने के बाद उसे गहरा झटका लगा। इसके बाद वह बाइक से परिवार के दो लोेगों के साथ घर के लिए रवाना हो गया।

चक्कर आने पर शाहीपुल पर रुका संतोष
शाहीपुल पर पहुंचते ही संतोष ने बाइक चला रहे युवक को बताया कि उसे चक्कर आ रहा है। इसके बाद उसने बाइक रोक दी। उसके साथ दूूसरी बाइक पर सवार लोग भी वहीं रुक गए। संतोष पुल पर बैठ गया तो लोगों को लगा कि अभी कुछ देर में ठीक हो जाएगा लेकिन संतोष के दिल में कुछ और ही था। मौका देखकर उसने गोमती नदी में छलांग लगा दी। जब तक लोग कुछ समझ पाते संतोष नदी की धारा में समा गया। साथ के लोगों ने शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो गोताखोरों को संतोष की तलाश में लगाया गया। लेकिन कहीं पता नहीं चला। साथ आए लोगों का कहना है कि संतोष चक्कर आने का बहाना करके रुका था। उसने पानी लाने को कहा। पानी पीने के बाद हम बाइक पर बैठ गए लेकिन वह नहीं बैठा और नदी में छलांग लगा दी। किसी को मौका ही नहीं मिला कि कुछ कर पाता। परिजनों के मुताबिक 4 साल पहले संतोष को कैंसर की पुष्टि हुई थी। कीमो थिरेपी के जरिए इलाज भी चल रहा था। कैंसर की जांच के लिए रिपोर्ट बनारस गई थी। जांच रिपोर्ट में संतोष को दोबारा कैंसर की पुष्टि हुई थी। इससे वह सदमे में था।

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