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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

चार साल में दोबारा हुई कैंसर की पुष्टि तो युवक ने नदी में लगाई छलांग

आजमगढ़। जौनपुर जिले में एक युवक में चार साल के भीतर दूसरी बार कैंसर की पुष्टि हुई तो उसके सब्र का बांध टूट गया। युवक ने मंगलवार की दोपहर शाही पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस युवक की तलाश में जुटी है। युवक ने अस्पताल से लौटते समय चक्कर का बहाना करके यह आत्मघाती कदम उठाया। जौनपुर जिले के अहियापुर गांव निवासी संतोष प्रजापति को चार साल पहले कैंसर हुआ था। कीमो थिरेपी के जरिए उसका इलाज चल रहा था। बीच में उसकी रिपोर्ट नार्मल आई थी। इससे पूरा परिवार खुश था। हाल में उसे कुछ दिक्कत हुई तो फिर उसकी जांच वाराणसी भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट में संतोष को दोबारा कैंसर की पुष्टि की गई थी। मंगलवार को अस्पताल में रिपोर्ट देखने के बाद उसे गहरा झटका लगा। इसके बाद वह बाइक से परिवार के दो लोेगों के साथ घर के लिए रवाना हो गया।

चक्कर आने पर शाहीपुल पर रुका संतोष
शाहीपुल पर पहुंचते ही संतोष ने बाइक चला रहे युवक को बताया कि उसे चक्कर आ रहा है। इसके बाद उसने बाइक रोक दी। उसके साथ दूूसरी बाइक पर सवार लोग भी वहीं रुक गए। संतोष पुल पर बैठ गया तो लोगों को लगा कि अभी कुछ देर में ठीक हो जाएगा लेकिन संतोष के दिल में कुछ और ही था। मौका देखकर उसने गोमती नदी में छलांग लगा दी। जब तक लोग कुछ समझ पाते संतोष नदी की धारा में समा गया। साथ के लोगों ने शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो गोताखोरों को संतोष की तलाश में लगाया गया। लेकिन कहीं पता नहीं चला। साथ आए लोगों का कहना है कि संतोष चक्कर आने का बहाना करके रुका था। उसने पानी लाने को कहा। पानी पीने के बाद हम बाइक पर बैठ गए लेकिन वह नहीं बैठा और नदी में छलांग लगा दी। किसी को मौका ही नहीं मिला कि कुछ कर पाता। परिजनों के मुताबिक 4 साल पहले संतोष को कैंसर की पुष्टि हुई थी। कीमो थिरेपी के जरिए इलाज भी चल रहा था। कैंसर की जांच के लिए रिपोर्ट बनारस गई थी। जांच रिपोर्ट में संतोष को दोबारा कैंसर की पुष्टि हुई थी। इससे वह सदमे में था।

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