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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: तीन बहनों के लापता होने का पुलिस ने ‌किया खुलासा, माता-पिता के बीच विवाद रही वजह

पूछताछ के बाद अभिभावकों के हवाले करने की तैयारी 

आजमगढ़। जीयनपुर क्षेत्र से 12 दिन पूर्व लापता हुईं तीन चचेरी बहनों को पुलिस ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के तुंगारेश्वर हाटा वसई बाजार से बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक माता-पिता विवाद के कारण अलग रहते हैं और मां ही दो बहनों को मुंबई ले गई थी, जबकि तीसरी लड़की उनके साथ घूमने के लिए गई थी। पुलिस अब तीनों को उनके अभिभावकों को सुपुर्द करने की तैयारी कर रही है।

पुलिस के मुताबिक जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र बर्जला गांव निवासी राजेश की चार बेटियां हैं। इनमें दो अपनी मां लाली के साथ मुंबई, तो दो अन्य अंशिका और अनामिका अपने चाचा रविंद्र के साथ गांव में रहती हैं। रविंद्र व उनकी पत्नी लाली में मनमुटाव के बाद बेटियों को रखने को लेकर दो-दो का बंटवारा हुआ था। राजेश गुजरात में रहते हैं। लाली को बेटियों की याद आई तो वह आठ सितंबर को मुंबई से आजमगढ़ आ गई। लाली ने दोनों बेटियों को मिलने के लिए बुलाया तो उसकी चचेरी बहन कविता भी आ गई। लाली अपनी दोनों बेटियों को मुंबई ले जाने लगी तो कविता भी घूमने की बात कहकर उसके साथ चली गई। चुंकि तीनों घर से दवा लेने की बात कहकर निकली थी और जब वापस नहीं लौटी तो परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। तीन लड़कियों के गायब होने की सूचना पर पुलिस के भी होश उड़ गए। लड़कियों की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम के साथ ही क्राइम ब्रांच को लगाया गया। जांच शुरू हुई तो पता चला कि जिस दिन तीनों गायब हुई उस दिन लाली के मोबाइल का लोकेशन आजमगढ़ में था। जांच का दायरा आगे बढ़ा तो पता चला कि दवा के बहाने घर से निकली तीनों लड़कियों ने मनिकाडीह बाजार स्थित जन सेवा केंद्र से 300 रुपये भी निकालीं थीं। इसके बाद पुलिस ने लाली के बारे में पता किया और मुंबई पहुंचकर तीनों को बरामद कर लिया। जीयनपुर कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि पूछताछ के बाद बेटियों को उनके अभिभावकों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

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