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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: रोजगार मेला न लगने पर हंगामा, अधिकारियों के समझाने पर हुए शांत

आजमगढ़। रानी की सराय ब्लाक में मंगलवार को रोजगार मेले का आयोजन नहीं होने पर बेरोजगारों ने हंगामा शुरू किया। ब्लाक के अधिकारियों के समझाने पर बेेरोजगार युवा शांत हुए। बताते  चलें कि  सीएम योगी के हर घर में एक व्यक्ति को नौकरी के वादे को पूरा करने के लिए जिले के सभी विकास खंड मुख्यालयों में एसआईएस इंडिया के तत्वावधान में शिविर का आयोजन विभिन्न तिथियों पर करना था। 
  रानी की सराय ब्लाक पर 13 सितंबर को रोजगार मेला का आयोजन होना था। इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र के अलग- अलग इलाकों से बड़ी संख्या में युवा ब्लाक पर पहुंच गए। लेकिन ब्लाक पर रोजगार मेला न लगने की नोटिस चस्पा देख युवा भड़क गए।  ब्लाक पर पहुंचे युवा राम मनीष प्रजापति, आशीष प्रजापति, मनीष यादव, राहुल गुप्ता, रोहित प्रजापति, त्रिभुवन यादव, अमित मौर्य, अजय राजभर, नीरज कुमार, राहुल यादव, पवन गुप्ता, अमित मौर्य, सचिन यादव ने बताया कि जहानागंज सहित अन्य ब्लाकों में मेला लगाकर रोजगार दिया जा रहा है। लेकिन यहां पर मेला क्यों निरस्त किया गया है, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। युवाओं ने कहा कि यदि मेला निरस्त था तो पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। अधिकारियों की लापरवाही से परेशान होना पड़ा।

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