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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: शोषितों और पी‌‌ड़ितों की आवाज थे पंचानन राय

शिक्षक नेता स्व. पंचानन राय को दी श्रद्धांजलि

आजमगढ़। श्री गांधी इंटर कॉलेज मालटारी में शिक्षक दिवस पर भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को लोगों ने याद किया। इस दौरान पूर्व एमएलसी व ‌शिक्षक नेता स्व. पंचानन राय की पुण्यतिथि पर उनके मूर्ति पर माल्यार्पण कर शिक्षकों ने श्रद्धांजलि दी।
प्रबंधक कमला राय ने कहा कि स्व. पंचानन राय शोषित, पीड़ित शिक्षकों की आवाज थे। राय साहब 1966 में टाउन इंटर कॉलेज में नियुक्त हुए। वहीं से शोषित शिक्षकों के लिए संघर्ष शुरू किया। 1967 में गांधी इंटर कालेज मालटारी में प्रवक्ता नियुक्त हुए। उन्होंने बताया कि 1968 के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। 1971 में आजमगढ़ में जिलामंत्री बने। संगठन में जुझारू सोंच और तेवर के कारण 1977 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री हुए। 1982 में प्रदेशीय महामंत्री बने और पांच सितंबर 2007 को निधन तक इस पद पर रहे।1980 में सगडी विधानसभा आजमगढ़ से कांग्रेस के विधायक बने। लेकिन शिक्षक हितों के लिए अपनी ही सरकार में संघर्ष किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. वीरेंद्र कुमार सिंह कहा कि पंचानन राय 1996 एवं  2002 में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य विधान परिषद निर्वाचित हुए। वे संघर्ष के पर्याय थे। शिक्षकों के लिए हमेशा संघर्ष किए। संघर्ष ही उनकी पहचान थी। वे राजनेता थे लेकिन पहले शिक्षक थे। वे हर दिल अजीज और नेक इंसान थे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डा. वीरेंद्र कुमार सिंह, राजेश राय, शिक्षक परमानंद मिश्र, राजेश कुमार सिंह, चंद्र प्रकाश राय, ओम प्रकाश राय, संजय राम, टिल्ठू राम यादव, विवेक कुमार, वीरभद्र, रामसागर राय, लव कुमार राय, गंगादीन, रिजवान उपस्थित थे।

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