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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh : रिक्शा चालक हत्याकांड में तीन गिरफ्तार, पुलिस ने किया मामले का खुलासा

मई में बैठौली बाईपास के पर ई-रिक्शा में मिला था अजय का शव 

आजमगढ़। मई माह में रिक्शा चालक की हत्या के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है। बताते चलें कि बीते 20 मई को सिधारी थाने में मृतक अजय कुमार की पत्नी कुसुमलता ने शिकायत दर्ज कराई थी की जमीन बंटवारे की रंजिश में मेरे पति अजय कुमार को ससुर रामचंदर राम, जेठ विजय कुमार, देवर संजय कुमार और रणजीत पुत्र अज्ञात ने मारपीट हत्या कर दी है। जिसका शव बैठौली बाईपास पर उसके ही ई-रिक्शा में मिला था। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि मृतक अजय कुमार हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र यादव उर्फ उदई पुत्र रामा यादव का ई रिक्शा चलाता था। धर्मेंद्र यादव के चोरी के अपराध में काफी लंबे समय तक जिला कारागार में निरुद्ध होने के कारण मृतक द्वारा रोजाना कमाई के रुपये उसकी दोनों पत्नियों को दिया जाता था। जेल से निकलने के बाद धर्मेंद्र द्वारा अपनी पत्नी से मृतक अजय की नजदीकियों की जानकारी होने पर उसे काम से हटा दिया। मृतक उसके चाचा जयचंद्र यादव का ई रिक्शा चलाने लगा तथा वहां पर भी मायके में रह रही जयचंद की विवाहिता पुत्री के साथ नजदीकियां बढ़ाने लगा। जिसकी जानकारी होने पर जयचंद के लड़के रमित यादव उर्फ रमता जो धर्मेंद्र यादव का चचेरा भाई है। अपने दोस्त पवन प्रकाश यादव उर्फ राहुल पुत्र तेजप्रताप यादव के साथ मिलकर अजय को सबक सिखाने की ठान ली। आरोपियों ने घटना के दिन उसे घर से ई रिक्शा में बैठकार रास्ते में शराब पिलाकर सूनसान स्थान पर बुलाया। जहां धर्मेंद्र यादव ने अजय कुमार की गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने धर्मेंद्र यादव उर्फ उदई पुत्र रामा उर्फ रामायण, रमित यादव और पवन प्रकाश यादव उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया है। आरोपी धर्मेंद्र यादव के ऊपर 17 गंभीर आपराधिक मुकदमें पहले से दर्ज हैं।

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