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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh : रिक्शा चालक हत्याकांड में तीन गिरफ्तार, पुलिस ने किया मामले का खुलासा

मई में बैठौली बाईपास के पर ई-रिक्शा में मिला था अजय का शव 

आजमगढ़। मई माह में रिक्शा चालक की हत्या के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है। बताते चलें कि बीते 20 मई को सिधारी थाने में मृतक अजय कुमार की पत्नी कुसुमलता ने शिकायत दर्ज कराई थी की जमीन बंटवारे की रंजिश में मेरे पति अजय कुमार को ससुर रामचंदर राम, जेठ विजय कुमार, देवर संजय कुमार और रणजीत पुत्र अज्ञात ने मारपीट हत्या कर दी है। जिसका शव बैठौली बाईपास पर उसके ही ई-रिक्शा में मिला था। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि मृतक अजय कुमार हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र यादव उर्फ उदई पुत्र रामा यादव का ई रिक्शा चलाता था। धर्मेंद्र यादव के चोरी के अपराध में काफी लंबे समय तक जिला कारागार में निरुद्ध होने के कारण मृतक द्वारा रोजाना कमाई के रुपये उसकी दोनों पत्नियों को दिया जाता था। जेल से निकलने के बाद धर्मेंद्र द्वारा अपनी पत्नी से मृतक अजय की नजदीकियों की जानकारी होने पर उसे काम से हटा दिया। मृतक उसके चाचा जयचंद्र यादव का ई रिक्शा चलाने लगा तथा वहां पर भी मायके में रह रही जयचंद की विवाहिता पुत्री के साथ नजदीकियां बढ़ाने लगा। जिसकी जानकारी होने पर जयचंद के लड़के रमित यादव उर्फ रमता जो धर्मेंद्र यादव का चचेरा भाई है। अपने दोस्त पवन प्रकाश यादव उर्फ राहुल पुत्र तेजप्रताप यादव के साथ मिलकर अजय को सबक सिखाने की ठान ली। आरोपियों ने घटना के दिन उसे घर से ई रिक्शा में बैठकार रास्ते में शराब पिलाकर सूनसान स्थान पर बुलाया। जहां धर्मेंद्र यादव ने अजय कुमार की गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने धर्मेंद्र यादव उर्फ उदई पुत्र रामा उर्फ रामायण, रमित यादव और पवन प्रकाश यादव उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया है। आरोपी धर्मेंद्र यादव के ऊपर 17 गंभीर आपराधिक मुकदमें पहले से दर्ज हैं।

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