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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: 80 साल पुराना मकान गिरा, मासूम सहित तीन की मौत

घंटों के प्रयास के बाद शव बाहर निकाला गया

मुहल्ले में अफरातफरी, प्रशासन राहत बचाव कार्य में जुटा

देवरिया। जिला मुख्यालय के अंसारी रोड में 80 साल पुराना मकान ढ़हने से तीन लोग मलवे में दब गए। घंटों के प्रयास के बाद किसी तरह मलवा हटाकर उन्हें बाहर निकाला गया। मलवेे में दबे तीनों लोगों की मौत होे गई जिसमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। दुर्घटना से मुहल्ले में अफरातफरी मची है। प्रशासनिक अधिकारी राहत बचाव कार्य में जुटे हैं। 

देवरिया जिला मुख्यालय के अंसारी रोड में 80 साल पुराने मकान में प्रभावती देवी अपनी दो वर्षीय पुत्री व मां रामरति देवी करीब 50 साल से किराए पर रहती थी। यह मकान गायत्री देवी का था लेकिन उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व कुलदीप बरनवाल को बेच दिया था। मकान जर्जर होने के बाद भी कुलदीप उसे ध्वस्त कराने के बजाय उसकी मरम्मत करा रहे थे। सोमवार की भोर में करीब 3 बजे मकान अचानक ध्वस्त हो गया। उस समय मकान में चार लोग सो रहे थे लेकिन एक महिला उस समय बाहर निकल गई थी जबकि तीन लोग मलवे में दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सदर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह तथा अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मलवा हटाकर तीनों का शव बाहर निकाला गया। दुर्घटना में बाल-बाल बची 60 वर्षीय प्रभावती देवी ने बताया कि दुर्घटना होने से करीब 10 मिनट पहले लघुशंका के लिए वह बाहर गली में गली में गई थी। उसी दौरान पूरा मकान भरभरा कर गिर गया। जबकि मलवे में दबने से 35 वर्षीय दिलीप गोंड उसकी पत्नी 30 वर्षीय चांदनी तथा दो वर्षीय पुत्री पायल की मौत हो गई। दिलीप लगन के सीजन में पूरा सजावट का काम कर परिवार का भरण पोषण करते थे। यह परिवार करीब 50 साल से उक्त मकान में किराए पर रहता था। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


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