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24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

आयोग ने उपभोक्ताओं से बिजली सामग्री का 35 प्रतिशत तक ज्यादा रेट वसूलने पर लगाई फटकार

लखनऊ। बिजली विभाग उपभोक्ताओं से खंभा, तार व ट्रांसफार्मर के लिए तय किए गए मूल्य से करीब 35 प्रतिशत तक ज्यादा मूल्य वसूल रहा है। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर विद्युत नियामक आयोग ने कास्ट डाटा बुक में निर्धारित किए गए मूल्य से ज्यादा वसूलने पर नाराजगी जताई है और निर्देश दिए हैं कि वह इसका सख्ती से पालन करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। 

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं और किसानों से मनमाने रेट बिजली कंपनियां वसूल रही हैं। 25 केवीए ट्रांसफार्मर का रेट कास्ट डाटा बुक में 56,780 रुपये है लेकिन पावर कारपोरेशन के स्टाक इश्यू रेट में 74,198 है। वहीं इसी प्रकार 63 केवीए ट्रांसफार्मर की दर 1,04,596 रुपये है लेकिन पावर कारपोरेशन के स्टाक इश्यू रेट में 1,40,801 रुपये है। इसी तरह अन्य सामग्री पर भी मनमाना रेट बिजली कंपनियों द्वारा वसूला जा रहा है। बिजली कंपनियों के कुछ जिलों में अभियंताओं द्वारा की जा रही इस गड़बड़ी पर परिषद द्वारा विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की गई और इसे नियामक आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह ने गंभीरता से लिया। अब विद्युत नियामक आयोग के सचिव संजीव कुमार सिंह की ओर से कास्ट डाटा बुक का उल्लंघन करने पर बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र जारी किया है। अगर नियम का पालन न किया गया तो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के उल्लंघन पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

 

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