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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Kerala: नहीं खुला एंबुलेंस का दरवाजा, आधे घंटे तक फंसा रहा मरीज, हार गया जिंदगी की जंग

केरल। कोझिकोड़ में रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुए एक 66 वर्षीय शख़्स की मौत सिर्फ इसलिए हो गई।  क्योंकि वो एंबुलेंस के भीतर ही फंस गए थे। मुश्किल से जिस एंबुलेंस में शख़्स को अस्पताल ले जाया गया। उसके दरवाज़ा फंस गया था और वो करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस में ही फंसे रहे। बाद में दरवाज़े के लॉक को तोड़ा गया और शख़्स को इलाज के लिए एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। जिन्हें बाद में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृत की पहचान कोयामॉन के रूप में हुई है। जिन्हें कथित रूप से एक स्कूटर ने टक्कर मार दी थी।

 घटना सोमवार दोपहर की है, जब वो बीच हॉस्पिटल रोड पर पैदल जा रहे थे, तभी एक तेज़ रफ्तार स्कूटर ने शख़्स को टक्कर मार दी और वो गंभीर रूप से घायल हो गए। शख़्स को तुरंत ही बीच हॉस्पीटल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने की वजह से बाद में उन्हें कोझीकोड़ मेडिकल अस्पातल रेफर कर दिया गया था। एंबुलेंस में बीच अस्पताल का एक डॉक्टर भी साथ आया। लेकिन एंबुलेंस के दरवाज़े का लॉक ख़राब होने की वजह से शख़्स का समय पर इलाज नहीं हो सका।

आधे घंटे तक फंसा रहा मरीज़

चश्मदीद बताते हैं, 66 वर्षीय कोयामॉन करीब आधे घंटे तक एम्बुलेंस में फंसे रहे और दरवाज़ा खोलने की बहुत कोशिश की गई लेकिन नहीं खुला। अंत में एंबुलेंस के दरवाज़े को तोड़ना पड़ा और तब मरीज़ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चश्मदीद के मुताबिक़ एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुए कोयामॉन के शरीर से खून बह रहा था और समय के साथ ही उसकी हालत ख़राब होती जा रही थी। अंत में जब उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया तो इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

20 साल पुराना एंबुलेंस

रिपोर्ट के मुताबिक़ जिस एंबुलेंस में मरीज़ को लाया गया था, वो 20 साल पुराना है और समय समय पर एंबुलेंस में खराबी देखी जाती है और ठीक से काम नहीं करता है। हालांकि उसी एंबुलेंस में प्रति दिन तीन से चार मरीज़ों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाता है। अब एंबुलेंस को रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है।

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